July 28, 2026
सी टाइम्स
अंतरराष्ट्रीयटेक्नोलॉजीहेडलाइंस

दुनिया का सबसे बड़ा निजी संचार उपग्रह लाॅन्चिंग के लिए तैयार

न्यूयॉर्क, 26 जुलाई । दुनिया का सबसे बड़ा निजी संचार उपग्रह ज्यूपिटर 3 भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह लॉन्‍च किया जाएगा।

मैक्सर टेक्नोलॉजीज द्वारा निर्मित ह्यूजेस नेटवर्क सिस्टम्स का ज्यूपिटर 3 एक अति उच्च घनत्व वाला उपग्रह है जिसे स्पेसएक्स के फाल्कन हेवी रॉकेट से स्‍थानीय समय के अनुसार बुधवार रात 11.04 बजे (भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह 8.34 बजे) फ्लोरिडा के केप कैनावेरल से लॉन्च किया जाएगा।

शक्तिशाली भूस्थैतिक उपग्रह पृथ्वी की भूमध्य रेखा से 22,300 मील ऊपर स्थित होगा। ज्यूपिटर 3 को पूरे उत्तर और दक्षिण अमेरिका में ग्राहकों को गीगाबाइट कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए इंजीनियर किया गया है।

कंपनी ने एक बयान में कहा, “पूरी तरह से खुलने पर जुपिटर 3 का आकार विमान के दोनों विंग्‍स के सिरों के बीच की दूरी के बराबर होगा। यह अब तक का सबसे बड़ा वाणिज्यिक संचार उपग्रह है।”

जुपिटर 3 के शामिल होने क बाद जुपिटर 3 ह्यूजेस के जुपिटर उपग्रह बेड़े की क्षमता को दोगुना कर देगा। यह उत्तर और दक्षिण अमेरिका में सैटेलाइट इंटरनेट कनेक्टिविटी के अलावा, इन-फ्लाइट वाई-फाई, समुद्री कनेक्शन, एंटरप्राइज नेटवर्क, मोबाइल नेटवर्क ऑपरेटर्स (एमएनओ) के लिए बैकहॉल और सामुदायिक वाई-फाई समाधान का भी समर्थन करेगा।

शक्तिशाली उपग्रह में लगभग 14 उच्च शक्ति वाले सौर पैनल हैं जो जुपिटर 3 को उसके पूरे जीवनकाल (लगभग 15 वर्ष) के लिए ऊर्जा प्रदान करने के लिए सूर्य से ऊर्जा लेंगे।

इस बीच, स्पेसएक्स ने कहा कि उसकी टीम रॉकेट लॉन्च करने के लिए तैयार है।

एलन मस्क के नेतृत्व वाली कंपनी ने ट्विटर पर लिखा, “टीमों ने लॉन्च की तैयारी की समीक्षा पूरी कर ली है, और हम फ्लोरिडा में लॉन्च कॉम्प्लेक्स 39ए से उपग्रह के लिए बुधवार को लक्ष्य बना रहे हैं।”

अन्य ख़बरें

अंतरिक्ष मलबे पर निगरानी के लिए चीन ने लॉन्च किया नया सैटेलाइट नेटवर्क

Newsdesk

सीडब्ल्यूजी 2026: शर्मिला ने देश को दिलाया दूसरा गोल्ड, भारत की झोली में 4 और मेडल

Newsdesk

जिन इलाकों में लगे होते हैं खूब सारे पेड़, वहां बुजुर्ग आबादी रहती है डिप्रेशन से कोसों दूर: स्टडी में खुलासा

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading