September 18, 2026
सी टाइम्स
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सुप्रीम कोर्ट ने केरल के पूर्व शीर्ष आईएएस अधिकारी शिवशंकर को अंतरिम जमानत दी

तिरुवनंतपुरम, 2 अगस्त । सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के पूर्व प्रधान सचिव एम. शिवशंकर को लाइफ मिशन मामले में उनके खिलाफ दायर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में चिकित्‍सा कारणों से अंतरिम जमानत दे दी।

शिवशंकर को इस साल फरवरी में सेवा से सेवानिवृत्त होने के तुरंत बाद गिरफ्तार कर लिया गया था।

न्यायमूर्ति ए.एस. बोपन्ना और एम.एम. सुंदरेश की पीठ ने उन्हें दो महीने की जमानत दी है।

अदालत ने शिवशंकर को जमानत अवधि के दौरान उनके घर और अस्पताल के अलावा किसी अन्य स्थान पर नहीं जाने का भी आदेश दिया। वह रीढ़ की हड्डी की बीमारी के लिए सर्जरी और इलाज कराएंगे।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जमानत का विरोध किया और शिवशंकर के राजनीतिक रसूख को देखते हुए अस्पताल में न्यायिक हिरासत के लिए दबाव डाला।

शीर्ष अदालत अप्रैल में शिवशंकर की जमानत याचिका खारिज करने के केरल उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली अपील पर सुनवाई कर रही थी।

शिवशंकर को ईडी ने 2020 लाइफ मिशन केस के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। लाइफ (आजीविका, समावेशन और वित्तीय सशक्तिकरण) मिशन केरल सरकार की एक आवास सुरक्षा योजना है जिसका उद्देश्य राज्य के सभी भूमिहीन और बेघर निवासियों को घर उपलब्ध कराना है।

योजना के तहत एक विशिष्ट परियोजना शामिल थी, जिस पर विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) का उल्लंघन करते हुए एक विदेशी संस्था द्वारा वित्त पोषण का आरोप है।

शिवशंकर के खिलाफ ईसीआईआर (प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट) में कहा गया है कि कई व्यक्तियों, जिनमें उनके सहित सरकारी अधिकारी भी शामिल हैं, ने लाइफ मिशन परियोजना के माध्यम से केरल में बाढ़ पीड़ितों के लिए यूएई रेड क्रिसेंट से प्राप्त धन से आर्थिक लाभ और अवैध संतुष्टि प्राप्त की।

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