लखनऊ, 21 अगस्त | उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र के दूसरे दिन विधायक जनमेजय सिंह के निधन के कारण विधानसभा की कार्यवाही शनिवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। सदन का काम शुरू होने से पहले हुई सर्वदलीय बैठक में यह निर्णय लिया गया। शनिवार को अवकाश नहीं होगा। आज का एजेंडा कल सदन में लागू होगा। उधर, विधानपरिषद में कानून व्यवस्था को लेकर हंगामा हो रहा है। भाजपा विधायक जनमेजय सिंह के निधन पर शोक सभा हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक प्रस्ताव पेश किया। सभी सदस्यों ने 2 मिनट का मौन रख कर श्रद्घांजलि दी। शोक प्रस्ताव के बाद विधानसभा की कार्यवाही शनिवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
समाजवादी पार्टी ने अपने ट्वीटर के माध्यम से लिखा कि “देवरिया जिले की सदर सीट से भाजपा विधायक श्री जन्मेजय सिंह जी का लखनऊ में निधन अत्यंत दु:खद। शत्-शत् नमन एवं भावभीनी श्रद्घांजलि। सरकार की जनविरोधी नीतियों को लेकर आज पार्टी कार्यालय से विधानसभा तक होने वाली सपा विधायकों की विरोध प्रदर्शन साइकिल रैली को स्थगित कर दिया गया है।”
उधर, विधान परिषद में प्रश्नकाल शुरू होते ही सपा के नरेश चंद्र उत्तम ने राज्य की ध्वस्त कानून व्यवस्था, बाढ़ की बिगड़ती स्थिति और कोरोना संक्रमण के बेकाबू होते हालात पर सदन की कार्यवाही रोककर चर्चा कराने की मांग की।
इसी बीच, सपा के सदस्यों ने सभापति के आसन के सामने आकर सरकार के विरोध में नारेबाजी और हंगामा शुरू कर दिया। सभापति रमेश यादव के समझाने पर भी सपा सदस्य शांत नहीं हुए और नारेबाजी जारी रही। इस पर सभापति ने सदन की कार्यवाही 20 मिनट के लिए स्थगित कर दी है।
आज सदन में 17 विधेयक पेश किए जाने थे। इनमें सार्वजनिक और निजी संपत्ति अध्यादेश की क्षति की वसूली, गौ-हत्या रोकथाम (संशोधन) अध्यादेश और सार्वजनिक स्वास्थ्य और महामारी नियंत्रण अध्यादेश है।
इससे पहले, गुरुवार को पहले दिन गुरुवार को सदन के दिवंगत तीन पूर्व सदस्यों और कोरोना संक्रमण से जान गंवाने वाले सरकार के दो मंत्रियों को श्रद्घांजलि अर्पित करने के बाद सदन की कार्यवाही शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित हो गई।


