कोपेनहेगन, 2 सितम्बर | डेनमार्क के विदेश मंत्री जेप्पे कोफोड ने बाल्टिक में रूसी एसयू-27 फाइटर द्वारा अमेरिकी वायु सेना के बी52 बॉम्बर की खोज करने के लिए देश के हवाई क्षेत्र में कथित घुसपैठ को लेकर रूसी राजदूत व्लादिमीर बारबिन को तलब किया है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट की मुताबिक, नाटो के अनुसार 28 अगस्त को की गई ऐसी घुसपैठ कई वर्षों में पहली बार हुई थी।
कोफोड ने मंगलवार को ट्वीट में कहा, “रूसी एसयू 27 फाइटर द्वारा डेनमार्क के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करना पूरी तरह से अस्वीकार्य है। मैं इस मुद्दे को रूसी अधिकारियों के साथ उठाऊंगा। डेनमार्क हमेशा अपने हवाई क्षेत्र की रक्षा करेगा और अंतर्राष्ट्रीय कानून पर जोर देगा।”
रूस द्वारा उल्लंघन करने पर डेनमार्क ने तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए अपना अलर्ट एयरक्राफ्ट भेजा। इससे रूसी फाइटर रोके जाने से पहले ही वापस मुड़ गया।
इससे पहले मंगलवार को भी रक्षा मंत्री ट्राइन ब्रैमसेन ने इसे “डेनमार्क के हवाई क्षेत्र का अस्वीकार्य उल्लंघन” कहा था।
हालांकि रूसी रक्षा मंत्रालय ने इस बात से इनकार किया है कि फाइटर जेट ने डेनमार्क के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया है।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “28 अगस्त, 2020 को बाल्टिक फ्लीट के फाइटर एसयू -27 को को रक्षा ड्यूटी के दौरान अमेरिकी वायु सेना के बमवर्षक बी-52एच को पहचानने और रोकने के लिए उपयोग किया गया था। यह काम अन्य राज्यों की सीमाओं का उल्लंघन किए बिना किया गया।”


