34.4 C
Jabalpur
April 22, 2026
सी टाइम्स
राष्ट्रीयव्यापार

आगामी बजट में सरकारी वेलफेयर योजनाओं के खर्च में हो सकती है बढ़ोतरी : रिपोर्ट

नई दिल्ली, 25 जून । केंद्र सरकार को आने वाले बजट में पूंजीगत व्यय और विकास के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए किसी भी प्रकार की आर्थिक मुश्किल का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसकी वजह भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा सरकार को दिया गया लाभांश और टैक्स से आय में इजाफा होना है। यह जानकारी वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज की रिपोर्ट में दी गई। जेफरीज का कहना है कि आने वाले बजट का अफोर्डेबल हाउसिंग, कंज्यूमर कंपनियों, कीमतों को लेकर संवेदनशील उद्योगों और पूंजीगत व्यय से प्रभावित होने वाली कंपनियों पर सकारात्मक असर होगा। हालांकि, आईटी और फार्मा उद्योग पर इस बजट का कोई असर नहीं होगा। ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि सरकार के पास अधिक पूंजीगत और सोशल खर्च के लिए 40 से 50 आधार अंक का फाइनेंशियल बफर मौजूद है। रिपोर्ट में आगे कहा गया कि बढ़ता हुआ इनकम टैक्स कलेक्शन सरकार को टैक्स में छूट देने की अनुमति देता है। इससे करदाताओं को राहत मिल सकती है। इसके साथ ही खर्च बढ़ने से आर्थिक गति को भी सहारा मिलेगा। जेफरीज ने अपनी रिपोर्ट में दिए गए सुझावों में कहा है कि सरकार को शहरी घरों के लिए क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम वापस लानी चाहिए। साथ ही पूंजीगत व्यय को 30,000 करोड़ रुपये बढ़ाना चाहिए। जेफरीज ने उम्मीद जताई है कि इस बजट में सरकारी वेलफेयर योजनाओं के खर्च में 50,000 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की जा सकती है। वहीं, उधारी के लक्ष्य को घटाया जा सकता है। इसके अलावा बजट में एफएंडओ ट्रेडिंग पर नकेल कसी जा सकती है। हालांकि, कैपिटल गेन टैक्स के रिजीम में कोई बदलाव नहीं होने की संभावना है।

अन्य ख़बरें

मध्य प्रदेश का धार शहर ‘सेफ सिटी’ प्रोजेक्ट के अंतर्गत चयनित

Newsdesk

सरकार ने पीएम इंटर्नशिप स्कीम का दायरा बढ़ाया, अब स्नातक और परास्नातक के अंतिम वर्ष के छात्र भी कर सकेंगे आवेदन

Newsdesk

आपकी ये हरकत पूरे लोकतंत्र के लिए खतरा’, I-PAC रेड मामले में ममता बनर्जी के दखल पर भड़का SC, लगाई खूब फटकार

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading