जबलपुर | हाई कोर्ट ने 15 साल की नाबालिग को गर्भपात की अनुमति देने से इनकार कर दिया। जस्टिस जीएस अहलूवालिया की एकलपीठ ने पाया कि नाबालिग 28 सप्ताह की गर्भवती है, जबकि एमटीपी अधिनियम 24 सप्ताह तक के गर्भपात पर रोक लगाता है।
किशोरी की दादी की ओर से दर्ज एफआईआर में चार माह पूर्व दुष्कर्म की बात कही गई थी, लेकिन मेडिकल रिपोर्ट से गर्भाधान 5-6 महीने पहले का पाया गया। एफआईआर में दी गई जानकारी को संदिग्ध मानते हुए कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी।


