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April 25, 2026
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कोलकाता डॉक्टर केस: एक साधारण कुक से लेकर प्रिंसिपल तक की भ्रष्टाचार की जटिल गाथा

कोलकाता, आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक साधारण कुक से लेकर कॉलेज के प्रिंसिपल तक के भ्रष्टाचार और अनैतिक गतिविधियों की एक जटिल और रहस्यमयी कहानी ने पूरे देश का ध्यान खींचा है। इस मामले में कई प्रमुख व्यक्तियों के शामिल होने के आरोपों ने बंगाल के स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन को हिलाकर रख दिया है।

संजय रॉय की गुमशुदगी और वापसी

साल 2016 में आरजी कर मेडिकल कॉलेज के एक कुक, संजय रॉय, की अचानक गुमशुदगी ने कॉलेज प्रशासन को हैरान कर दिया। अगले तीन साल तक उनका कोई सुराग नहीं मिला। 2019 में, संजय रॉय अचानक पश्चिम बंगाल सिविक वॉलंटियर फोर्स में शामिल हो गए, जो कि राज्य पुलिस की सहायता के लिए एक टेम्परेरी फोर्स थी। इस दौरान, संजय रॉय ने अपने प्रभाव और संपर्कों का उपयोग करके विभिन्न अवैध गतिविधियों में संलिप्त हो गए।

अस्पताल में भ्रष्टाचार और अनियमितताएँ

संजय रॉय ने सिविक वॉलंटियर फोर्स में रहते हुए मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में कई अनियमित गतिविधियों को अंजाम दिया। उसने अस्पताल में मरीजों के लिए बिस्तर दिलाने और नए वॉलंटियर की भर्ती में भ्रष्टाचार का सहारा लिया। इसके अलावा, उसने मेडिकल कॉलेज के छात्र संघ और स्थानीय नेताओं के साथ घनिष्ठ संबंध बनाए, जिससे उसका प्रभाव और अधिक बढ़ता गया।

प्रिंसिपल पर गंभीर आरोप

2021 में, आरजी कर मेडिकल कॉलेज के नए प्रिंसिपल डॉ. संदीप घोष की नियुक्ति हुई। उनके पदभार संभालने के बाद कॉलेज में कई अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगने लगे। बंगाल स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव देपाल कुमार घोष की रिपोर्ट ने इन आरोपों को और गंभीर बना दिया। रिपोर्ट में कहा गया कि कॉलेज में निर्माण और नवीकरण कार्यों में भारी वित्तीय घपला हुआ है, जिसमें प्रिंसिपल और ठेकेदारों के बीच अवैध समझौते शामिल हैं।

जन आक्रोश और राज्य सरकार की प्रतिक्रिया

इस मामले के खुलासे के बाद पूरे कॉलेज और स्थानीय समुदाय में भारी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। जन आक्रोश के चलते राज्य सरकार को इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन करना पड़ा। SIT की जांच में कई और अनियमितताएँ सामने आईं, जिनमें बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट में भी बड़े पैमाने पर धांधली का पता चला।

कोलकाता डॉक्टर केस ने राज्य के स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और अनैतिक गतिविधियों को उजागर किया है। यह मामला न केवल एक साधारण कर्मचारी से लेकर उच्च पदस्थ अधिकारियों तक की जटिल गाथा को सामने लाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि किस प्रकार से भ्रष्टाचार समाज के हर स्तर पर गहरा प्रभाव डालता है। राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के लिए यह एक गंभीर चेतावनी है कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए तत्काल और सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।

यह खबर कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में घटित घटनाओं पर आधारित है, जो वर्तमान में राज्य और देश भर में चर्चा का विषय बनी हुई है।

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