22 Nov – सनातन हिंदू एकता पदयात्रा – मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के गढ़ा स्थित बागेश्वर धाम से गुरुवार को नौ दिवसीय सनातन हिंदू एकता पदयात्रा का भव्य शुभारंभ हुआ। सुबह 8 बजे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बागेश्वर महादेव और बालाजी सरकार की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ यात्रा का प्रारंभ किया। इसके बाद परिसर में राष्ट्रीय ध्वज और भगवा ध्वज फहराया गया। हजारों की संख्या में उपस्थित भक्तों ने एक स्वर में राष्ट्रगान गाया और हनुमान चालीसा का पाठ किया।
यात्रा का उद्देश्य हिंदू समाज को जागृत कर जातिगत भेदभाव को समाप्त करना और समाज को एकजुट करना है। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि यह जागृत हिंदू समाज ही भारत को एक शक्तिशाली राष्ट्र बनाने और हिंदू राष्ट्र के निर्माण में सहायक होगा।
यात्रा का प्रारंभ और मार्ग
यात्रा सुबह 11 बजे बागेश्वर धाम से प्रारंभ होकर छतरपुर जिले के विभिन्न स्थानों से गुजरते हुए झांसी, मऊरानीपुर, और निवाड़ी के रास्ते 29 नवंबर को ओरछा के रामराजा मंदिर में समाप्त होगी। पहले दिन यात्रा ने लगभग 20 किलोमीटर की दूरी तय कर कदारी गांव के पास अपना पहला पड़ाव डाला।
पूरी यात्रा के दौरान विशेष झांकियां, भगवा ध्वज, और बागेश्वर बालाजी का रथ आकर्षण का केंद्र रहेंगे। यात्रा के मार्ग में 62 स्थानों पर स्वागत की व्यवस्था की गई है, जबकि तीन प्रमुख स्थानों पर भोजन और विश्राम की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रमुख संतों और हस्तियों की भागीदारी
यात्रा में देशभर के जाने-माने संत और महंत शामिल हो रहे हैं। इनमें हनुमान गढ़ी अयोध्या के महंत राजू दास, मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्र दास, जगतगुरु राघवाचार्य, वृंदावन के महंत सुदामा कुटी, और तुलसी पीठाधीश्वर रामचंद्रदास जैसे संत शामिल हैं।
यात्रा के दौरान अलग-अलग स्थानों पर प्रसिद्ध कलाकार और हस्तियां शामिल होंगी। इनमें फिल्म अभिनेता संजय दत्त, पहलवान द ग्रेट खली, कवि कुमार विश्वास, गायिका अंजली द्विवेदी, और लोकगायक कीर्तिदान गढ़वी जैसे नाम प्रमुख हैं। इसके अलावा, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में बुंदेलखंड के कलाकार हरिया भैया, सोनू तिवारी और हिमालय यादव अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
विशेष झांकियां और रथ यात्रा
यात्रा में विशेष झांकियों के माध्यम से हिंदू महापुरुषों का चित्रण किया जाएगा। बागेश्वर बालाजी के रथ के साथ 15 अन्य रथ यात्रा का हिस्सा होंगे।
यात्रा के दौरान घोड़ों, बग्घियों, और डीजे वाहनों का भव्य समावेश रहेगा, जो यात्रा को और अधिक भव्य बनाएंगे। बुंदेली कलाकारों की प्रस्तुतियां पूरे रास्ते यात्रियों का मनोरंजन करेंगी।
सुरक्षा प्रबंध
मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सरकारों ने यात्रा की सुरक्षा के लिए चार स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था बनाई है।
सबसे अंदरूनी घेरे में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और अन्य संत होंगे।
1.उनके चारों ओर वाई श्रेणी के सुरक्षा कर्मी तैनात रहेंगे।
2.तीसरे घेरे में पुलिस की विशेष टीम होगी।
3.सबसे बाहरी घेरे में बागेश्वर धाम के सेवादार रहेंगे।
4.छतरपुर एसपी अगम जैन ने बताया कि सुरक्षा के लिए सागर और भोपाल मुख्यालय से 600 अतिरिक्त पुलिस जवानों को तैनात किया गया है।
जनसहभागिता और उत्साह
इस यात्रा को लेकर जनसामान्य में भारी उत्साह है। देश-विदेश से लाखों सनातनी इस यात्रा में भाग लेने के लिए पंजीकरण करा चुके हैं। अनुमान है कि 20,000 से अधिक लोग यात्रा में सम्मिलित होंगे। बगैर पंजीकरण के शामिल होने वाले भक्तों की संख्या इससे कई गुना अधिक हो सकती है।
बागेश्वर धाम समिति ने इस यात्रा को सफल बनाने के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं। यात्रा मार्ग पर स्वागत, अल्पाहार, और रात्रि विश्राम के अलावा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी होगा।
हिंदू एकता का संदेश
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एकता और शक्ति का प्रदर्शन है। यह हिंदू समाज को जागरूक कर भारत के विकास और हिंदू राष्ट्र की स्थापना में योगदान देगी।
यात्रा के माध्यम से विभिन्न समाजों और जातियों के बीच भाईचारा और समरसता का संदेश दिया जाएगा। “एकजुट हिंदू समाज ही सशक्त भारत का आधार है,” उन्होंने कहा।
यात्रा की समाप्ति 29 नवंबर को ओरछा के रामराजा मंदिर में होगी, जहां भव्य समारोह का आयोजन किया जाएगा।


