34.6 C
Jabalpur
June 21, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिकराष्ट्रीय

हिमाचल प्रदेश : कंगना रनौत ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

himachal pradesh news। हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से भाजपा सांसद कंगना रनौत ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने राज्य सरकार पर जनता को परेशान करने का आरोप लगाया। मंडी संसदीय क्षेत्र की सांसद कंगना रनौत ने शुक्रवार को मंडी में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समितियां (दिशा) बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा की और केंद्र सरकार की हर योजना को आमजन तक पहुंचाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। कंगना विभिन्न विभागों से आए अधिकारियों के साथ कार्यों को लेकर चर्चा की और जनता को कोई परेशानी न हो, उसके लिए उन्होंने अधिकारियों को भी निर्देश दिए। कंगना रनौत ने कहा, “मंडी संसदीय क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर रोडमैप तैयार किया गया है, जिसको बेहतरीन बनाने के लिए केंद्र की विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाएगा।” कंगना ने अपने घर में बढ़े हुए बिजली के बिल आने पर राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “अगर पिछले साल 5.5 हजार रुपए का बिल आया था, तो इस महीने 70,000 रुपए का कैसे आ सकता है। वो कह रहे हैं कि 20,000 रुपए पहले के भी थे, तो भी इतने पैसे नहीं बनते हैं। क्या मैंने कोई फैक्ट्री लगाई? मैंने एक भी नया एसी नहीं लगवाया है।” उन्होने कहा कि “हर चीजों का राजनीतिकरण नहीं किया जा सकता। मैं भी हिमाचल की निवासी हूं। मुझे भी यहां की चिंता होती है। किसी को झूठा ठहराना सत्ता पक्ष के लोगों को शोभा नहीं देता।” बता दें कि बिजली बिल को लेकर कंगना रनौत और हिमाचल सरकार के पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह आमने-सामने हैं। इससे पहले विक्रमादित्य ने फेसबुक पोस्ट करते हुए कंगना पर तंज कसा था। उन्होंने कहा कि मोहतरमा बड़ी शरारत करती हैं, बिजली का बिल नहीं भरती हैं और फिर मंच पर सरकार को कोसती हैं। ऐसा कैसे चलेगा?

अन्य ख़बरें

‘कुछ अफसरों को लोगों के काम रोकने में मजा आता है’, शिवराज सिंह चौहान ने चेताया

Newsdesk

देश की आर्थिक स्थिति पर चर्चा के लिए संसदीय समिति की जल्द होगी बैठक

Newsdesk

इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान, अय्यर उपकप्तान, बुमराह की वापसी

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading