जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का विरोध करने वाले इंस्टाग्राम पोस्ट को लेकर कर्नाटक पुलिस ने एक पीजी छात्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इस हमले में 26 लोगों की जान गई थी।
पुलिस ने शनिवार को बताया कि मैंगलुरु शहर के कोनाजे थाने में इस संबंध में एक शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, छात्रा का संबंध साम्प्रदायिक रूप से संवेदनशील मैंगलुरु जिले से है और उसने इंस्टाग्राम पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की आलोचना करते हुए एक पोस्ट किया था। इस पोस्ट में भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान में किए गए हमलों का विरोध किया गया।
विवादास्पद पोस्ट करने वाली छात्रा का नाम रेश्मा एन. बारिगा है, जो मैंगलुरु विश्वविद्यालय की छात्रा है और बेल्थंगडी कस्बे के पास बेलालु की निवासी है।
पुलिस ने बताया, “रेश्मा ने ‘#dikkaraoperationSindoora’ (ऑपरेशन सिंदूर मुर्दाबाद) हैशटैग के साथ युद्ध की निरर्थकता पर आधारित एक कविता पोस्ट की थी। इस कन्नड़ कविता में उन्होंने युद्ध को ‘पूर्ण अंधकार’ का कारण बताया।”
इस पोस्ट के बाद विवाद खड़ा हो गया, जिससे घबराकर रेश्मा ने पोस्ट हटा लिया। हालांकि बाद में उसने एक और पोस्ट कर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के विरोध में अपनी पहले वाली बात का बचाव किया।
इस पोस्ट के बाद कई लोगों और कुछ हिंदू संगठनों ने पुलिस से रेश्मा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। चंद्रशेखर पुट्ट मराटी, निवासी सवले, कल्लाहल्ली, ने कोनाजे थाने में शिकायत दर्ज करवाई।
शिकायत के आधार पर, पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 192 (दंगे भड़काने के इरादे से जानबूझकर उकसाना), धारा 196 (धर्म, जाति, जन्मस्थान, भाषा आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य को बढ़ावा देना), धारा 353(1)(b) और 353(2) (सार्वजनिक शरारत फैलाने वाले बयान) के तहत एफआईआर दर्ज की है।
विवाद के बाद, रेश्मा ने एक नया बयान जारी करते हुए देश के प्रति अपना सम्मान और प्रेम व्यक्त किया।
रेश्मा ने कहा,
“मेरा मानना है कि इस देश का हर नागरिक शांति और समृद्धि के साथ जीवन व्यतीत करे। मुझे गर्व है कि मैं भारत में जन्मी हूं। मैं नहीं चाहती कि कोई भी आतंकवाद के कारण अपनी जान गंवाए। युद्ध से कई लोग प्रभावित होते हैं। आतंकवाद की छाया भारत पर न पड़े। देश में शांति और सौहार्द बना रहे। मेरा उद्देश्य केवल आतंकवाद के खात्मे की अपील करना था।”
पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।


