गुजरात पुलिस की स्टेट मॉनिटरिंग सेल (SMC) ने साबरकांठा जिले में चल रहे एक अवैध ड्रग रैकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सुनियोजित छापेमारी को अंजाम दिया।
इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर, SMC की टीम ने हिम्मतनगर शहर के संजरनगर, मदनी सोसायटी में स्थित खुरशीद खान सदात खान पठान के घर पर छापा मारा।
दो दिन तक चली इस कार्रवाई में NDPS एक्ट की धारा 8(C), 22(C), 29 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111(3) और 111(4) के तहत कार्रवाई की गई। छापेमारी के दौरान टीम को 195.280 ग्राम मेफेड्रोन (एक प्रतिबंधित सिंथेटिक ड्रग) मिला, जिसकी कीमत करीब 19,52,800 रुपये आंकी गई। इसके अलावा पुलिस ने दो मोबाइल फोन (10,000 रुपये), नकद 79,280 रुपये, दो इलेक्ट्रॉनिक कांटे (1,000 रुपये) और 136 खाली ज़िपर बैग भी जब्त किए, जो ड्रग्स की पैकेजिंग के लिए इस्तेमाल किए जाते थे।
जप्त किए गए कुल माल की कीमत 20,43,080 रुपये बताई गई है। इस कार्रवाई का नेतृत्व PI सी.बी. चौधरी और PSI वी.के. राठौड़ ने किया।
इस छापेमारी में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मुख्य आरोपी खुरशीद खान सदात खान पठान पर अपने घर से मेफेड्रोन रखने और बेचने का आरोप है। उसके खिलाफ पहले भी 2007 में गांधीनगर के सेक्टर 7 थाने में IPC की धारा 365 (अपहरण), 384 (जबरन वसूली) और 403 (संपत्ति का ग़लत इस्तेमाल) के तहत केस दर्ज हुआ था।
दूसरा आरोपी नोमानमिया शाकिरमिया परमार है, जो साबरकांठा के तलोद तालुका के हर्सोल गांव के कस्बा वाड इलाके का निवासी है। नोमानमिया पर पहले भी तलोद पुलिस स्टेशन में IPC की धारा 504 और 506(2) के तहत आपराधिक धमकी का मामला दर्ज किया गया था (2021 में)।
SMC ने एक तीसरे आरोपी इर्फान खान निसार खान पठान की पहचान भी की है, जो फरार है। वह खुरशीद खान के ही मोहल्ले का निवासी है और माना जा रहा है कि वह मध्य प्रदेश से मेफेड्रोन की आपूर्ति कर खुरशीद को देता था। इर्फान खान NDPS के एक पुराने मामले (क्र. नं. 1751/2021) में भी आरोपी है, जिसमें 348.600 ग्राम मेफेड्रोन जब्त हुआ था जिसकी कीमत 34.86 लाख रुपये थी। वह उस केस में छह महीने पहले जमानत पर रिहा हुआ था।
गुजरात देश के मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान में एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। 2024 में अब तक 7,303 करोड़ रुपये की नशीली और मनोवैज्ञानिक दवाएं जब्त की गई हैं। इनमें से अधिकांश खेप पंजाब के लिए भेजी जा रही थी, लेकिन राज्य में लगातार हो रही बरामदगियों से यह भी संकेत मिलता है कि स्थानीय स्तर पर नशीले पदार्थों की खपत में बढ़ोतरी हो रही है, विशेषकर सिंथेटिक ड्रग्स जैसे मेफेड्रोन की।
राज्य की भौगोलिक स्थिति – लंबा समुद्र तट और प्रमुख बंदरगाह – इसे ड्रग्स की तस्करी का ट्रांजिट प्वाइंट बनाता है। इसके चलते राज्य पुलिस और अन्य एजेंसियों द्वारा निगरानी और कार्रवाई को तेज कर दिया गया है।
एक महत्वपूर्ण कार्रवाई में, गुजरात ATS ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के साथ मिलकर मध्य प्रदेश के भोपाल स्थित एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट से 907 किलो मेफेड्रोन जब्त किया था।
राज्य सरकार ने पिछले तीन वर्षों में ड्रग रैकेट से संबंधित सूचनाएं देने वाले 970 मुखबिरों को कुल 11 करोड़ रुपये से अधिक इनाम स्वरूप दिए हैं, जो ड्रग्स के खिलाफ राज्य की गंभीरता को दर्शाता है।


