Jabalpur School News। शहर में स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था में भारी लापरवाही उजागर हो रही है। परिवहन विभाग द्वारा तय किए गए सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है, जिससे हर दिन सैकड़ों बच्चों की जान खतरे में पड़ रही है।
नियमों की धज्जियां उड़ाते वाहन
जांच में सामने आया है कि अधिकांश स्कूल बसों में आवश्यक उपकरण जैसे GPS सिस्टम, CCTV कैमरे, स्पीड गवर्नर, फर्स्ट एड बॉक्स और अग्निशमन यंत्र तक उपलब्ध नहीं हैं। इसके अलावा कई बसों पर स्पष्ट रजिस्ट्रेशन नंबर भी अंकित नहीं हैं, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है।
आपात स्थिति में कोई मदद नहीं
इन सुविधाओं की गैरमौजूदगी का सीधा असर बच्चों की सुरक्षा पर पड़ता है। किसी आपात स्थिति में न तो बस की लोकेशन ट्रैक हो सकती है और न ही तत्काल प्राथमिक चिकित्सा दी जा सकती है। स्पीड गवर्नर के अभाव में कई बसें तेज रफ्तार में दौड़ती हैं, जिससे सड़क हादसों का खतरा कई गुना बढ़ गया है।
तकनीकी फिटनेस भी सवालों के घेरे में
जांच के दौरान कुछ बसों की तकनीकी हालत भी ठीक नहीं पाई गई। ऐसी बसों को सड़कों पर दौड़ने देना न सिर्फ बच्चों की जान से खिलवाड़ है, बल्कि कानून का उल्लंघन भी है।
समीक्षा बैठक बनी औपचारिकता
हाल ही में स्कूल परिवहन सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक स्तर पर समीक्षा बैठक की गई थी। इसमें पुलिस, नगर निगम, आरटीओ और ट्रैफिक विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त कार्रवाई की बात कही थी। लेकिन हकीकत यह है कि अब तक किसी तरह की ठोस कार्रवाई जमीन पर दिखाई नहीं दे रही।
स्कूल प्रशासन और जिम्मेदार विभाग मौन
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि न तो स्कूल प्रबंधन इस गंभीर मुद्दे को गंभीरता से ले रहा है और न ही संबंधित विभाग सख्त रुख अपना रहे हैं। इस लापरवाही से बच्चों की सुरक्षा दांव पर लगी है।
जरूरी है सख्त कदम उठाना
यदि जल्द ही नियमों का कड़ाई से पालन नहीं कराया गया और दोषी स्कूलों व बस ऑपरेटरों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे को जन्म दे सकती है। अभिभावकों और समाज को भी इस मुद्दे पर सजग रहकर प्रशासन से जवाबदेही मांगनी चाहिए।


