May 28, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

लॉ कॉलेज की छात्रा से गैंगरेप मामले ने तूल पकड़ा, हंगामा, विरोध प्रदर्शन, कई गिरफ्तार

Kolkata News –  28 June –  बंगाल एक बार फिर लॉ कॉलेज की छात्रा से गैंगरेप मामले को लेकर सुर्खियों में है। महानगर कोलकाता के लॉ कॉलेज की छात्रा से गैंगरेप मामले के 3 आरोपियों को कोर्ट ने आज 10 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। लेकिन उक्त घटना को लेकर एक बार फिर से देश भर में बंगाल की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा हो रहा है। कारण उक्त आरोपियों में एक आरोपी एक लॉ कॉलेज का पूर्व छात्र और वर्तमान में पेशे से वकील व तृणमूल से जुड़ा है।  उक्त आरोपी मोनोजित मिश्रा की तस्वीरें सीएम ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी से लेकर मुख्यमंत्री की भाभी, राज्य की मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य सहित कई हस्तियों के साथ वायरल होने से ममता सरकार व तृणमूल पर सवाल उठने लगे है और हंगामा भी खड़ा हो गया है।

वामपंथी छात्रों ने आज लॉ कॉलेज में लगे ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के बैनरों को उखाड़ दिया और हंगामा किया। इसके बाद उन्होंने कसबा थाने का घेराव कर लिया। थाने के सामने विरोध प्रदर्शन के कारण तनाव की स्थिति पैदा हो गई। विरोध प्रदर्शन पर उतरे लोगों के साथ पुलिस के साथ हाथापाई भी हुई।  पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज शुरू कर दिया। कुछ लोगों को गिरफ्तार कर लालबाजार ले जाया गया। मामले पर कॉलेज की उप-प्राचार्या डॉ. नयना चटर्जी ने बताया कि मुख्य आरोपी मोनोजीत कॉलेज का पूर्व छात्र और वकील है। उसे संस्थान की गवर्निंग बॉडी ने अस्थायी नियुक्ति दी गई थी। राष्ट्रीय महिला आयोग ने कोलकाता गैंगरेप मामले में खुद से नोटिस लिया है। आयोग की चेयरपर्सन विजया रहाटकर ने कोलकाता पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर कहा- इस घटना की तुरंत और तय समय में जांच की जाए। पीड़ित को मेडिकल, मानसिक और कानूनी मदद दी जाए। मुआवजा भी दिया जाए।’

भाजपा नेता अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर एक न्यूज रिपोर्ट शेयर करते हुए लिखा, “हैरान कर देने वाली घटना! एक महिला लॉ छात्रा के साथ कॉलेज परिसर में गैंगरेप हुआ, आरोपियों में एक पूर्व छात्र और दो कॉलेज स्टाफ शामिल हैं।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में एक तृणमूल कांग्रेस से जुड़ा व्यक्ति भी शामिल है।

तृणमूल स्टूडेंट विंग के प्रमुख तृणकुर भट्टाचार्य ने कहा कि यह घटना शब्दों से परे दर्दनाक है। आरोपियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमने कभी नहीं कहा कि मोनोजीत मिश्रा तृणमूल की स्टूडेंट विंग से नहीं जुड़ा था। लेकिन वो जूनियर मेंबर था। कॉलेज में तृणमूल के छात्र विंग की एक्टिव यूनिट नहीं है।

पश्चिम बंगाल की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री शशि पांजा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। पांजा ने कहा कि, सबसे पहले यह याद रखा जाना चाहिए कि, तृणमूल इस तरह के किसी आरोपियों को माला नहीं पहनाती है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा में अपराजिता विधेयक (बलात्कार के दोषियों के लिए मौत की सजा) पारित किया गया था। इसे अभी तक कानून नहीं बनाया गया है। क्योंकि भाजपा ने इसे रोक दिया है। हम राजनीति नहीं करना चाहते। अगर भाजपा गंभीर हैं, तो बिल का समर्थन करें। एक महिला का शरीर आपकी राजनीति के लिए युद्ध का मैदान नहीं है। इसका सम्मान किया जाना चाहिए। पांजा ने कहा कि भाजपा को पीड़ित का दर्द समझना होगा और उसका सम्मान करना होगा। हमें तय करना होगा कि उसे न्याय मिले। कुछ पार्टियां हैं जो बलात्कारियों को ‘संस्कारी’ कहती हैं और उन्हें माला पहनाती हैं। हम ऐसा नहीं करते। यह एक गंभीर घटना है, हम इससे बहुत दुखी हैं।

अन्य ख़बरें

ट्विशा शर्मा केस: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह की जमानत रद्द की

Newsdesk

सुकून होटल में पकड़ी गई युवती निकली मेडिकल की डॉक्टर, युवक सुपरवाइजर

Newsdesk

भीषण गर्मी में आग के घेरे में बैठकर किन्नर साधु कर रहे हठयोग

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading