Jabalpur News Today। नगर निगम जबलपुर की आयुक्त श्रीमती प्रीति यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार समग्र आधार ई-केव्हायसी सभी नागरिकों, नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारियों, आउटसोर्स कर्मचारियों सहित अन्य संस्थानों से जुड़े सभी व्यक्तियों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि आगामी समय में शासन द्वारा केवल आधार लिंक्ड समग्र आईडी पर ही आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के माध्यम से शासकीय लाभ प्रदान किए जाएंगे।
इसलिए सभी नागरिकों को चाहिए कि वे समय रहते ई-केव्हायसी अवश्य पूर्ण करें, अन्यथा वे शासन द्वारा प्रदत्त विभिन्न योजनाओं और सेवाओं से वंचित हो सकते हैं।
श्रीमती यादव ने जानकारी दी कि जबलपुर नगर निगम सीमा अंतर्गत निवासरत समस्त नागरिकों के समग्र ई-केव्हायसी कार्य को शत-प्रतिशत सुनिश्चित कराने के लिए शहरभर में शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों का संचालन सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक किया जाएगा:
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दिनांक 3 अगस्त 2025 – कस्तूरबा गांधी वार्ड क्र. 20, बल्देवबाग (पार्षद कार्यालय, आगा चौक)
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दिनांक 5 अगस्त 2025 – महात्मा गांधी वार्ड क्र. 25, शासकीय माध्यमिक शाला दीक्षितपुरा
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दिनांक 6 अगस्त 2025 – सरस्वती शिशु मंदिर, जगदीश मंदिर, उम.मा. विद्यालय
इसी के साथ उन्होंने यह भी बताया कि ई-केव्हायसी की सुविधा घर बैठे भी उपलब्ध है। नागरिक इस लिंक पर जाकर स्वयं भी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
निगमायुक्त ने स्पष्ट किया कि भविष्य में स्कूल-कॉलेजों में बच्चों के एडमिशन के लिए भी ई-केव्हायसी अनिवार्य हो सकती है, अतः कोई भी नागरिक इस प्रक्रिया से वंचित न रहे। यदि समग्र आई.डी. पर आधार लिंक नहीं पाया गया, तो उसे डुप्लिकेट मानकर डिलीट कर दिया जाएगा और इसके लिए संबंधित व्यक्ति स्वयं जिम्मेदार होगा।
कारण बताओ नोटिस जारी
निगमायुक्त श्रीमती प्रीति यादव ने बताया कि बीते चार दिनों में सभी 16 संभागों में कुल 2718 समग्र आई.डी. डिलीट की गई हैं। इसमें संभाग क्रमांक 12 एवं 15 में अपेक्षाकृत अधिक डिलीशन होने पर इन दोनों संभागों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उनसे डिलीट किए गए सदस्यों की सत्यापित सूची और कारण की जानकारी मांगी गई है। यदि संतोषजनक उत्तर नहीं मिला तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
श्रीमती यादव ने अंत में नागरिकों से अपील की है कि वे इस प्रक्रिया को हल्के में न लें और समय रहते समग्र आधार ई-केव्हायसी अवश्य पूर्ण करें, जिससे शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ सतत रूप से मिलता रहे।


