July 29, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

जबलपुर – यूनियन कार्बाइड कचरा निपटान पर एक्सपर्ट कमेटी की जवाबदेही तय -हाईकोर्ट

Jabalpur News Today, 1 अगस्त — यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के निपटान को लेकर गठित विशेषज्ञ समिति की कार्यप्रणाली पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त नाराजगी जाहिर की है। कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि समिति अपने दायित्वों का पालन करने में विफल रही है और पूर्व में पूछे गए तीन महत्वपूर्ण सवालों पर अब तक संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाई है।

कोर्ट ने आदेश दिया है कि समिति के सभी सदस्य आगामी सुनवाई में 14 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हों। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत सिंह रूपराह से तीखे सवाल पूछे और जानना चाहा कि “एक्सपर्ट आप हैं या ये लोग?” — यह टिप्पणी समिति की क्षमता और जवाबदेही पर अदालत की गंभीर चिंता को दर्शाती है।

न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि इतना संवेदनशील और खतरनाक कचरा किसी रिहायशी क्षेत्र के पास किस आधार पर नष्ट करने की अनुमति दी गई, इस पर जवाबदेही तय की जाएगी। कोर्ट की चिंता का प्रमुख बिंदु यह है कि आम नागरिकों के जीवन और स्वास्थ्य को खतरे में डालने की इजाजत कैसे दी गई।

याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं नमन नागरथ और खालिद नूर फखरुद्दीन ने बताया कि पिछली सुनवाई में शासन ने दावा किया था कि पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का कचरा तकनीकी रूप से निपटाया जा चुका है। लगभग 850 मीट्रिक टन राख और अवशेषों को एमपी-पीसीबी (मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) की मंजूरी के बाद एक विशेष लैंडफिल सेल में नष्ट किया जाना है।

हालांकि, हाईकोर्ट ने इस पर भी विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट मांगी है और कहा है कि जवाबदेही से बचने का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अदालत का रुख साफ है — इस गंभीर पर्यावरणीय और जनस्वास्थ्य संकट को लेकर लापरवाही या ढिलाई नहीं चलेगी।

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