सिवनी जिले में सामने आए 2.96 करोड़ रुपये के हवाला कांड ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में जहां एक ओर 11 पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, वहीं हाईकोर्ट ने पीड़ित कारोबारी सोहनलाल परमार की अवैध हिरासत, मारपीट और मानवाधिकार उल्लंघन को लेकर सख्त टिप्पणी करते हुए पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
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💰 2.96 करोड़ की जब्ती, लेकिन आधिकारिक रिकॉर्ड में सिर्फ 1.45 करोड़!
सिवनी पुलिस ने नागपुर निवासी बर्तन कारोबारी सोहनलाल परमार (38) से हवाला के तहत 2.96 करोड़ रुपये जब्त किए थे। लेकिन FIR और रिपोर्ट में मात्र 1.45 करोड़ रुपये की ही जब्ती दर्ज की गई, जिससे मामला संदेहास्पद बन गया। यही नहीं, इस रकम में से सवा करोड़ रुपये की नकदी पुलिस द्वारा बाद में जब्त की गई, जिसे पहले गायब कर दिया गया था।
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🧑⚖️ हाईकोर्ट की सख्ती: CCTV फुटेज सुरक्षित रखने और मेडिकल जांच के आदेश
सोहनलाल की पत्नी गंगाबाई परमार ने जबलपुर हाईकोर्ट में हैबियस कॉर्पस (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका दायर करते हुए आरोप लगाया कि उनके पति को अवैध रूप से पुलिस ने हिरासत में लिया, कोर्ट में पेश नहीं किया, और ना ही ट्रांजिट रिमांड ली गई। इस पर मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ ने 10 से 14 अक्टूबर तक सिवनी कंट्रोल रूम के CCTV फुटेज सुरक्षित रखने, पीड़ित की मेडिकल जांच कराने और उसे पुलिस संरक्षण में घर तक छोड़ने के आदेश दिए।
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😢 सोहनलाल की आपबीती: “मुझे पीटा गया, पैर तक नहीं चल पा रहे”
कोर्ट में पेश हुए सोहनलाल ने भावुक होते हुए बताया कि उन्हें IG साहब के नेतृत्व में बेरहमी से पीटा गया। “मुझे इतना मारा गया कि अब पैरों से चलना भी मुश्किल हो गया है। दो कर्मचारियों को बुलाकर मुझ पर हमला करवाया गया।” उनकी वकील प्रियंका दुबे ने कोर्ट को बताया कि पुलिस ने सोहनलाल को डकैत बताकर न केवल मारपीट की, बल्कि उसे सट्टा कारोबारी मानने के लिए जबरन दबाव भी बनाया।
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🚔 पुलिसिया गिरोह का पर्दाफाश: अब तक 11 पुलिसकर्मी गिरफ्तार, कुछ अब भी फरार
इस सनसनीखेज प्रकरण में निलंबित SDOP पूजा पांडे, SI अर्पित भैरम सहित कुल 11 पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें प्रधान आरक्षक राजेश जंघेला की गिरफ्तारी हाल ही में हुई है। साथ ही डकैती में उपयोग की गई 3 गाड़ियां भी जब्त की गई हैं। बाकी 2 पुलिसकर्मी अभी भी फरार हैं जिनकी तलाश में टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
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👶 SDOP पूजा पांडे गोद में बच्चा लेकर कोर्ट पहुंचीं
गिरफ्तार 10 पुलिसकर्मियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 17 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया। इस दौरान निलंबित SDOP पूजा पांडे अपने मासूम बच्चे को गोद में लेकर कोर्ट पहुंचीं, जिसने अदालत परिसर में दृश्य को और भी भावुक बना दिया।
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📢 पुलिस पर केस: अपने ही साथियों पर दर्ज कराई डकैती की FIR
सिवनी पुलिस ने इस मामले में अपने ही 9 साथियों पर डकैती का मामला दर्ज किया है। इसने न केवल पूरे प्रदेश में हलचल मचा दी है, बल्कि कानून व्यवस्था की गंभीर स्थिति पर भी प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।
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📌 क्या कहते हैं कानूनविद और मानवाधिकार विशेषज्ञ
इस केस में पुलिस पर अवैध हिरासत, मारपीट, डकैती, साक्ष्य छिपाने, कोर्ट प्रक्रिया की अनदेखी जैसे गंभीर आरोप हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो यह पुलिस की छवि और न्याय प्रणाली पर गहरा प्रभाव डालेगा।
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🔍 अभी क्या चल रहा है?
हाईकोर्ट ने आदेश दिए हैं कि CCTV फुटेज, मेडिकल रिपोर्ट और हिरासत की अवधि के सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखे जाएं।
पुलिस मुख्यालय ने जांच को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ स्तर पर निगरानी शुरू कर दी है।
सोहनलाल को सुरक्षा और चिकित्सा सुविधा दी गई है।
पूरे मामले की जांच एसआईटी या न्यायिक आयोग से कराने की मांग जोर पकड़ रही है।
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यह मामला न केवल पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है, बल्कि न्यायिक प्रणाली और नागरिक अधिकारों की रक्षा की भी एक बड़ी परीक्षा बन गया है।


