September 17, 2026
सी टाइम्स
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जबलपुर – राजनीतिक रसूख के आगे बेबस बुजुर्ग: शराब ठेकेदार ने रोका दुकान का किराया, कलेक्टर से लगाई गुहार — आत्मघाती कदम की चेतावनी

जबलपुर — गढ़ा थाना क्षेत्र के प्रेम नगर में एक 61 वर्षीय बुजुर्ग किरायेदार का संघर्ष राजनीतिक रसूख के साए में न्याय की उम्मीद में बदल गया है। मामला एक शराब ठेकेदार द्वारा दुकान का किराया न देने का है, जिसके कारण बुजुर्ग व्यक्ति कलेक्टर और पुलिस के चक्कर काटने को मजबूर हैं। पीड़ित ने अपनी शिकायत में यह तक कहा है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वह आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

किराया नहीं, सिर्फ वादे — डेढ़ लाख प्रतिमाह तय, अब तक एक रुपये नहीं

गुप्तेश्वर निवासी मुरलीधर सावलानी, जो प्रेम नगर, नागपुर रोड पर 40 साल पुरानी दुकान के मालिक हैं, ने बताया कि उन्होंने अपनी दुकान सतना निवासी शराब ठेकेदार अजय सिंह को 1 अप्रैल 2025 से किराए पर दी थी। दुकान का किराया ₹1.5 लाख प्रति माह तय हुआ था, और तय किया गया था कि जल्द ही किरायानामा तैयार किया जाएगा।

शुरुआती कुछ रकम एडवांस के रूप में मिलने के बाद से ही अजय सिंह ने एक फूटी कौड़ी तक किराया नहीं दिया। कई बार संपर्क करने और शिकायतें करने के बावजूद ठेकेदार किराया देने में आनाकानी करता रहा।

पूर्व मंत्री के रिश्तेदार का नाम भी आया सामने

जांच में यह बात सामने आई कि दुकान का सौदा प्रेम नगर निवासी प्रिंस नैयर ने किया था, जो पूर्व बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री के रिश्तेदार बताए जाते हैं। पीड़ित का आरोप है कि ठेकेदार अजय सिंह, जब भी किराए की बात होती है, तो उन्हें प्रिंस नैयर से संपर्क करने के लिए कह देता है, जबकि प्रिंस नैयर हर बार बात को टाल देता है।

सूत्रों के अनुसार, ठेकेदार और उसके सहयोगियों का प्रशासन में मजबूत राजनीतिक प्रभाव है, जिसका फायदा उठाकर वे एक बुजुर्ग को उसके हक से वंचित कर रहे हैं।

शिकायतों की लंबी फेहरिस्त — कलेक्टर तक गुहार

मुरलीधर सावलानी ने अब तक गढ़ा थाना, एसपी कार्यालय और जिला कलेक्टर को कई बार शिकायत दी है, लेकिन किसी भी स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई। अपनी हालिया शिकायत में उन्होंने लिखा है कि वे इस किराए से ही अपना गुजारा करते हैं और अब जीविका चलाना मुश्किल हो गया है।

उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जिला प्रशासन ने इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की, तो वे आत्मघाती कदम उठाने पर विवश होंगे।

प्रशासन के रवैये पर सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब किसी प्रभावशाली व्यक्ति का मामला होता है, तो पुलिस और प्रशासन मौन साध लेते हैं। सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन इस राजनीतिक रसूखदार शराब कारोबारी पर कार्रवाई कर एक बुजुर्ग को उसका हक दिला पाएगा या नहीं।

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