34 C
Jabalpur
June 22, 2026
सी टाइम्स
हेल्थ एंड साइंस

कितनी मात्रा में लिया गया भोजन बन जाता है औषधि, आयुर्वेद से जानें सही नियम



नई दिल्ली, 2 फरवरी  भोजन शरीर के लिए ऑक्सीजन की तरह ही जरूरी है क्योंकि भोजन की मात्रा सिर्फ पेट नहीं भरती, बल्कि शरीर को ऊर्जा और वृद्धि प्रदान करती है।

आयुर्वेद में भी भोजन केवल शरीर की आवश्यकता नहीं माना गया है, बल्कि इसे जीवन को संचालित करने वाला एक अनुशासन कहा गया है क्योंकि भोजन की मात्रा जितनी संतुलित होती है, अग्नि उतनी ही स्थिर रहती है। हालांकि हमें पता ही नहीं है कि कितना भोजन खाना है।

भोजन को हम शरीर की ऊर्जा के लिए नहीं बल्कि पेट भरने के लिए खाते हैं और ज्यादातर समय तय सीमा से ज्यादा खाकर शरीर को बोझिल बना देते हैं, जिससे आलस, नींद आना, भारीपन, गैस और कब्ज की परेशानी होने लगती है। आयुर्वेद का मानना है कि आमाशय को पूरी तरह भर देना स्वास्थ्य का मार्ग नहीं है। इसके लिए आधा भाग ठोस भोजन के लिए, चौथाई भाग पेय के लिए और चौथाई भाग रिक्त स्थान के लिए रखा जाना चाहिए। इसे भी भोजन की सर्वोत्तम मात्रा माना गया है।

आधा भाग ठोस में अनाज, सब्जी और चावल हो सकते हैं, चौथाई भाग पेय में छाछ या गुनगुने पानी को शामिल किया जाता है, जबकि चौथाई भाग रिक्त स्थान को पेट में अग्नि और वायु की गति के संचालन का भाग माना जाता है, जो खाने को सही तरीके से पचाने में मदद करती है। अगर खाना खाने के बाद आलस, नींद आना, भारीपन, गैस और कब्ज की परेशानी होती है तो समझ लीजिए कि तय सीमा से ज्यादा खा लिया है, लेकिन अगर भोजन के बाद शरीर स्थिर बना रहे, मन शांत रहे और खुद 4 घंटे बाद भूख लगने लगे तो ये प्राकृतिक है।

भूख लगने पर सीमित मात्रा में खाया गया खाना दवा की तरह काम करता है और सभी अंगों तक पोषक तत्वों को पहुंचाता है। आयुर्वेद में खाने को शरीर के विज्ञान को समझकर खाने के बारे में बताया गया है। कितनी मात्रा में खाना है या कब खाना है जैसे सवालों का जवाब आसानी से मिल जाता है। आयुर्वेद में हमेशा रात के समय हल्का खाना खाने की सलाह दी जाती है क्योंकि रात के समय शरीर खुद अपनी कोशिकाओं की मरम्मत करने का काम करता है।

अन्य ख़बरें

सदर गैरिसन ग्राउंड में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का राज्य स्तरीय आयोजन, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किया सामूहिक योगाभ्यास

Newsdesk

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: पीएम मोदी के साथ जुड़ने के लिए 6 लाख संगठनों ने ‘योग संगम पोर्टल’ पर रजिस्ट्रेशन कराया

Newsdesk

योग न सिर्फ शारीरिक सेहत को बेहतर बनाता है, बल्कि मानसिक सेहत को भी सुधारता है: एम्स डॉक्टर

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading