जबलपुर। मध्य प्रदेश में किसानों की धान खरीदी का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। पाटन विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ विधायक एवं पूर्व मंत्री अजय बिश्नोई किसानों की समस्याओं को लेकर अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ गए। यह धरना वेयरहाउस सहकारी समिति में धान बेचने वाले किसानों के भुगतान में हो रही देरी के विरोध में दिया गया।
जानकारी के अनुसार, कई किसान 25 से 50 किलोमीटर दूर से धान बेचने के लिए वेयरहाउस पहुंचे थे, लेकिन जांच प्रक्रिया के कारण उनका भुगतान लंबे समय से अटका हुआ है। किसानों का कहना है कि फसल बेचने के बाद भी उन्हें समय पर पैसा नहीं मिल रहा, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर छोटे और सीमांत किसान सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, जिनकी आजीविका पूरी तरह इसी भुगतान पर निर्भर है।
विधायक अजय बिश्नोई ने किसानों के साथ धरने पर बैठकर प्रशासन से मांग की कि असली किसानों की पहचान कर जल्द से जल्द उनका भुगतान किया जाए। उन्होंने इस संबंध में कलेक्टर को पत्र भी लिखा है, जिसमें समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की गई है। विधायक ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर किसानों को भुगतान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि धान खरीदी व्यवस्था में कहीं न कहीं खामियां हैं, जिनका असर सीधे किसानों पर पड़ रहा है। सरकार की ओर से लगातार किसान हित में योजनाओं की बात की जाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर भुगतान में देरी जैसी समस्याएं किसानों की परेशानियों को बढ़ा रही हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में कितनी जल्दी ठोस कदम उठाकर किसानों को राहत देता है।


