जबलपुर। ओमती थाना क्षेत्र स्थित समदड़िया मॉल में संचालित रिलायंस ट्रेंड्स स्टोर में एक महिला के साथ कथित बदसलूकी का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के बाद न केवल स्टोर प्रबंधन बल्कि मॉल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर भी सवाल उठने लगे हैं।
पीड़िता नीतू शर्मा अग्रवाल के अनुसार, मंगलवार दोपहर खरीदारी के बाद जैसे ही वह स्टोर से बाहर निकलीं, एंटी-थेफ्ट अलार्म बज उठा। आरोप है कि स्टोर स्टाफ ने बिना पर्याप्त पुष्टि के उन पर चोरी का संदेह जताया और सार्वजनिक रूप से रोक लिया। महिला का कहना है कि उन्होंने स्वयं बैग जांच के लिए सौंपा, फिर भी उन्हें चेंजिंग रूम में ले जाकर तलाशी ली गई, जिससे उन्हें अपमान और मानसिक आघात झेलना पड़ा।
तकनीकी खराबी या प्रबंधन की लापरवाही?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अलार्म सिस्टम में तकनीकी खराबी की बात सामने आई है। यदि ऐसा है, तो सवाल यह उठता है कि बिना ठोस सबूत के किसी ग्राहक को संदिग्ध मानकर इस प्रकार की कार्रवाई क्यों की गई? क्या स्टोर स्टाफ को ग्राहकों से संवेदनशील व्यवहार का प्रशिक्षण दिया गया है?
स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़े ब्रांड स्टोर्स में सुरक्षा प्रोटोकॉल तो सख्त होते हैं, लेकिन ग्राहक सम्मान भी उतना ही महत्वपूर्ण है। तकनीकी गड़बड़ी की स्थिति में पहले मशीन की जांच होनी चाहिए थी, न कि सीधे ग्राहक पर आरोप।
मॉल प्रबंधन की जिम्मेदारी भी तय हो
चूंकि यह घटना मॉल परिसर के भीतर हुई, इसलिए मॉल प्रशासन की भूमिका पर भी प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। क्या मॉल में ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए कोई मानक प्रक्रिया (SOP) निर्धारित है? क्या महिला सुरक्षा को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश लागू हैं?
यदि किसी ग्राहक को चेंजिंग रूम में ले जाकर तलाशी ली गई, तो क्या उसमें महिला स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित की गई थी? क्या सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखी गई है? इन सभी बिंदुओं की जांच आवश्यक मानी जा रही है।
पुलिस जांच शुरू
पीड़िता ने ओमती थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए स्टोर प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच प्रारंभ कर दी है और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और क्या स्टोर या मॉल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या माफी जारी की जाती है।
यह मामला केवल एक तकनीकी त्रुटि का नहीं, बल्कि ग्राहक सम्मान, महिला गरिमा और कॉर्पोरेट जवाबदेही से जुड़ा हुआ माना जा रहा है।


