शब्दों से जगा रहीं आत्मविश्वास और राष्ट्र चेतना | युवा पीढ़ी के लिए बनी प्रेरणा”
ग्रामीण अंचल की प्रतिभाएँ जब अपनी मेहनत और रचनात्मकता से पहचान बनाती हैं, तो उनकी सफलता पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन जाती है। जिला बालाघाट की खैरलांजी तहसील के ग्राम पिंडकेपर की युवा कवयित्री माही ऋषि शुक्ला को उनकी साहित्यिक साधना और प्रेरणादायी लेखनी के लिए प्रतिष्ठित ‘युवनाद सम्मान 2026’ से सम्मानित किया गया।
सम्मान अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद स्मृति समारोह के अंतर्गत बुंदेली कला मंच, ओरछा धाम (जिला निवाड़ी, मप्र) में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में प्रदान किया गया। समारोह में साहित्य, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति की भावनाओं से ओतप्रोत वातावरण के बीच विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं का सम्मान किया गया, जिसमें युवा कवयित्री माही ऋषि शुक्ला विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।
माही की रचनाओं में नारी सम्मान, सामाजिक चेतना, आत्मविश्वास और सकारात्मक जीवन दृष्टि प्रमुख रूप से दिखाई देती है। उनकी कविताएँ युवाओं को अपने भीतर छिपी शक्ति पहचानने और जीवन में सार्थक दिशा चुनने के लिए प्रेरित करती हैं।
सरल भाषा और गहन भावों के कारण उनकी लेखनी पाठकों के हृदय तक सहज पहुँचती है।
कार्यक्रम में उपस्थित साहित्यकारों और अतिथियों ने कहा कि युवा रचनाकार समाज में विचार परिवर्तन की नई धारा प्रवाहित कर साहित्य को एक नई दिशा तक पहुंचने में संकल्पित हैं। ‘युवनाद सम्मान’ माही ऋषि शुक्ला की रचनात्मक उपलब्धियों की स्वीकृति के साथ-साथ नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का संदेश भी है।
” युवाओं के लिए संदेश “
माही ऋषि शुक्ला की सफलता यह साबित करती है कि सपनों की उड़ान के लिए बड़े शहर नहीं, बल्कि बड़ा संकल्प आवश्यक होता है। उनकी साहित्यिक यात्रा आज युवाओं को सृजन, संस्कार और सकारात्मक सोच की राह पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रही है।


