भोपाल, 11 मार्च । कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य के जल संसाधन विभाग की सिंचाई परियोजनाओं के टेंडर सहित अन्य मामलों में बड़ी गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में वर्ष 2026 कृषि वर्ष नहीं है, बल्कि यह ठेकेदारी और कमीशन बाजी का वर्ष बन गया है।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पटवारी ने बुधवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि एक तरफ सरकार लगातार कर्ज ले रही है, वहीं दूसरी ओर बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हो रही हैं। प्रदेश सरकार ने इस वर्ष को ‘कृषि वर्ष’ घोषित किया है, लेकिन वास्तविकता यह है कि सिंचाई परियोजनाएं ठप पड़ी हैं और किसान पानी के लिए परेशान हैं। यदि सिंचाई परियोजनाओं की यही स्थिति है तो सवाल उठता है कि यह कृषि वर्ष है या ठेकेदारी और कमीशन का वर्ष।
उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े टेंडरों में लगातार दो कंपनियों के नाम सामने आते हैं। आखिर सरकार इन कंपनियों पर इतनी मेहरबान क्यों है कि लगभग हर बड़े टेंडर में यही कंपनियां सामने आती हैं? इतना ही नहीं, विभागीय गतिविधियों में कुछ नाम की भूमिका खास रहती है, जबकि वह कोई सरकारी अधिकारी नहीं है। कहा यह जा रहा है कि इन व्यक्तियों की भूमिका उन कंपनियों में महत्वपूर्ण है जिनके नाम टेंडर हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस पूरे नेटवर्क के कुछ लोगों के दुबई में व्यापारिक संबंध होने की भी जानकारी सामने आई है।
पटवारी ने आरोप लगाया कि कई कंपनियां फर्जी बैंक गारंटी के आधार पर टेंडर हासिल कर एडवांस भुगतान निकाल रही हैं और काम में देरी कर रही हैं। यदि विभाग में जमा सभी बैंक गारंटियों की जांच कर ली जाए तो कई बड़े ठेकेदार और उनके संरक्षणकर्ता अधिकारियों-नेताओं के नाम सामने आ सकते हैं।


