बरघाट (सिवनी): स्थानीय माझी समाज बरघाट के तत्वावधान में आराध्य देव भगवान श्री निषादराज जी के जन्मोत्सव को लेकर समाजजनों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। आगामी 25 और 26 मार्च 2026 को आयोजित होने वाले द्वि-दिवसीय जन्मोत्सव कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर ‘मछुआ कार्यालय’ में माझी समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस वर्ष जन्मोत्सव को ऐतिहासिक और भव्य रूप दिया जाएगा।
*तैयारियों का आगाज और सर्वसम्मत निर्णय*
मछुआ कार्यालय में आयोजित इस बैठक में बरघाट क्षेत्र के माझी समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य जन्मोत्सव की रूपरेखा तैयार करना और समाज को संगठित करना था। उपस्थित सदस्यों ने उत्साहपूर्वक अपने विचार साझा किए, जिसके बाद निर्णय लिया गया कि 25 मार्च 2026 को भव्य कलश शोभा यात्रा निकाली जाएगी।
यह शोभा यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए गुजरेगी, जिसमें समाज की महिलाएं सिर पर कलश धारण कर मंगल गान करेंगी। यात्रा के दौरान भगवान निषादराज की मनमोहक झाँकी आकर्षण का केंद्र रहेगी। समाज के युवाओं ने इस यात्रा को अनुशासित और भव्य बनाने की जिम्मेदारी ली है।
*25 मार्च को होगा मुख्य समारोह*
बैठक में केवल शोभा यात्रा ही नहीं, बल्कि 25 मार्च 2026 को आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम की रूपरेखा भी तय की गई। इस दिन भगवान निषादराज जी का विधि-विधान से पूजन-अर्चन, महाआरती और विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। माझी समाज बरघाट ने संकल्प लिया है कि इस भव्य कार्यक्रम के माध्यम से समाज की सांस्कृतिक विरासत और एकता का प्रदर्शन किया जाएगा।
*समाज हित और भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा*
जन्मोत्सव की तैयारियों के साथ-साथ बैठक में माझी समाज के उत्थान और सामाजिक कुरीतियों को दूर करने पर भी गंभीर मंथन हुआ। उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि:
* शिक्षा पर जोर: समाज के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
* संगठन की शक्ति: समाज के प्रत्येक परिवार को संगठन से जोड़कर एक-दूसरे की मदद की जाए।
* सांस्कृतिक चेतना: नई पीढ़ी को भगवान निषादराज और मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के अटूट प्रेम और मित्रता के इतिहास से अवगत कराया जाए।
*माझी समाज की सक्रिय भागीदारी*
बैठक के अंत में सभी पदाधिकारियों ने प्रसन्नता व्यक्त की कि बरघाट का माझी समाज अब पहले से अधिक जागरूक और सक्रिय है। कलश यात्रा और मुख्य समारोह में हजारों की संख्या में समाजजनों के जुटने की संभावना जताई गई है। समाज के प्रमुखों ने सभी स्वजातीय बंधुओं से अपील की है कि वे सपरिवार इन कार्यक्रमों में सम्मिलित होकर धर्म लाभ उठाएं और समाज की एकता को मजबूती प्रदान करें।
> “भगवान निषादराज का जीवन हमें सेवा और समर्पण सिखाता है। बरघाट माझी समाज इस जन्मोत्सव को न केवल एक उत्सव के रूप में, बल्कि अपनी पहचान और एकता के पर्व के रूप में मनाएगा।” — समाज प्रतिनिधि, बरघाट
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