सिवनी- जिले में अनुकंपा नियुक्तियों के नाम पर लंबे समय से चल रहे कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। जिला पंचायत सिवनी के उपाध्यक्ष एवं जिला स्थाई शिक्षा समिति के सभापति राकेश सनोडिया द्वारा इस गंभीर प्रकरण को लेकर राज्यसभा सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को पत्र लिखकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनजातीय कार्य विभाग में पिछले लगभग 5 वर्षों से अनुकंपा नियुक्तियों में व्यापक अनियमितताएं सामने आ रही हैं। आरोप है कि बड़ी संख्या में अपात्र व्यक्तियों को अवैध तरीके से नियुक्तियां दी गईं, जबकि पात्र और जरूरतमंद अभ्यर्थी अपने अधिकार से वंचित रह गए। इस संबंध में पूर्व में भी शिकायतें की गई थीं, जिसके बाद जांच दल का गठन हुआ था। जांच में अनियमितताओं की पुष्टि भी हुई, लेकिन अब तक दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सांसद दिग्विजय सिंह ने भी इसे संज्ञान में लेते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लगाती हैं, बल्कि योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय भी है।
सांसद ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच किसी विशेष एजेंसी से कराई जाए, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा वंचित पात्र अभ्यर्थियों को शीघ्र न्याय दिलाया जाए। साथ ही भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं को रोकने के लिए पारदर्शी व्यवस्था लागू करने पर भी जोर दिया गया है।
इधर, इस मुद्दे को लेकर स्थानीय स्तर पर भी आक्रोश बढ़ता जा रहा है। जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला और व्यापक रूप ले सकता है।
अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाते हैं और पीड़ितों को कब तक न्याय मिल पाता है।


