April 19, 2026
सी टाइम्स
राष्ट्रीय

उद्योग स्थापना प्रक्रिया को सरल बनाने पर जोर, आंध्र सीएम चंद्रबाबू नायडू ने दिए निर्देश



अमरावती, 13 अप्रैलआंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में उद्योगों की स्थापना प्रक्रिया को तेज करने के लिए नीतियों और प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाए।



उन्होंने अनावश्यक कानूनों और नियमों को खत्म कर निवेशकों के लिए अधिक अनुकूल माहौल बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

इस बीच, इस्पात मंत्रालय के सचिव संदीप पौंड्रिक के नेतृत्व में एक केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल ने सचिवालय का दौरा किया और मुख्यमंत्री व राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ केंद्र सरकार की ‘डीरगुलेशन फेज-2’ पहल पर चर्चा की।

बैठक में औद्योगिक स्वीकृतियों में तेजी लाने, प्रक्रियाओं को सरल बनाने और नियामकीय बोझ कम करने पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने राज्य में पहले से लागू सुधारों और भविष्य की कार्ययोजना पर प्रस्तुति दी।

आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने फेज-1 की प्रगति और फेज-2 की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की। फेज-1 के तहत सात विभागों में 23 प्राथमिकता वाले कार्य पूरे किए जा चुके हैं, जबकि फेज-2 के लिए 28 प्राथमिकता क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं।

बताया गया कि 47 सिफारिशों में से 18 पहले ही लागू की जा चुकी हैं और शेष को 31 मई तक पूरा करने का लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री ने स्वीकृति प्रक्रिया की जटिलताओं को कम करने और गति बढ़ाने पर जोर देते हुए ब्रिटिश काल के पुराने कानूनों को हटाने की बात कही। उन्होंने 800 से अधिक अनुपालन को घटाकर 100 से कम करने और लाइसेंस की संख्या को सिंगल डिजिट में लाने का निर्देश दिया।

हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

उन्होंने थर्ड-पार्टी निरीक्षण को बढ़ावा देने, डुप्लिकेट लाइसेंसिंग सिस्टम खत्म करने, व्यवसाय पंजीकरण को आजीवन वैधता देने और फायर सेफ्टी के लिए राष्ट्रीय भवन संहिता के बजाय राज्य-विशिष्ट सरल मानदंड लागू करने का सुझाव दिया।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि पूरी स्वीकृति प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन किया जाए। फेज-2 लागू होने के बाद उद्योग स्थापना में लगने वाले समय को कम से कम 40 प्रतिशत तक घटाने का लक्ष्य रखा गया है।

वर्तमान में व्यवसायों को करीब 82 तरह की मंजूरियां लेनी पड़ती हैं, जिसे चरणबद्ध तरीके से 57 तक लाने का निर्देश दिया गया है। इसी तरह, बिल्डिंग प्लान और ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट की संख्या 30 से घटाकर 18 करने की योजना है।

मुख्यमंत्री ने औद्योगिक पार्कों में भूमि आवंटन की प्रक्रिया तेज करने, सभी मंजूरियों के लिए एकल नोडल एजेंसी बनाने और फायर सेफ्टी, पर्यावरण, ऊर्जा, पर्यटन, शिक्षा व स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में सरलीकरण पर भी जोर दिया।

अन्य ख़बरें

परशुराम जयंती पर होम्बले फिल्म्स का बड़ा तोहफा, ‘महावतार परशुराम’ का पोस्टर और टीजर जारी

Newsdesk

मनरेगा: केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 17,744 करोड़ रुपये जारी किए

Newsdesk

अक्षय तृतीया पर सोने और चांदी में निवेश करना फायदे का सौदा, बीते पांच साल में मिला 255 प्रतिशत तक का रिटर्न

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading