जबलपुर। संस्कारधानी के संस्कृति थिएटर में आयोजित ‘मातृ संस्कार समागम’ कार्यक्रम में इस वर्ष एक विशेष क्षण तब देखने को मिला, जब शहर की जानी-मानी समाजसेविका भजन भागीरथी की संयोजिका श्रीमती नीता शर्मा को उनके उत्कृष्ट सामाजिक योगदान के लिए विशिष्ट अलंकरण से सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल उनके कार्यों की सराहना है, बल्कि समाज में उनकी निरंतर सक्रियता और समर्पण का भी प्रतीक है।
विश्व मांगल्य सभा द्वारा आयोजित इस भव्य कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मातृशक्ति के महत्व को रेखांकित करना और समाज में उनके योगदान को सम्मान देना रहा। कार्यक्रम के दौरान सात महिलाओं को ‘सप्त मातृका’ के रूप में अभिनंदित किया गया, लेकिन नीता शर्मा का सम्मान विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहा।
श्रीमती नीता शर्मा वर्षों से सामाजिक, धार्मिक और जनसेवा से जुड़े कार्यों में सक्रिय रही हैं। उन्होंने न केवल समाज के विभिन्न वर्गों के लिए कार्य किया है, बल्कि एक आदर्श माँ के रूप में परिवार और संस्कारों की परंपरा को भी मजबूती दी है। उनके कार्यों ने कई लोगों को प्रेरित किया है और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
आयोजकों ने अपने संबोधन में कहा कि नीता शर्मा जैसी महिलाओं का सम्मान करना संस्था के लिए गर्व का विषय है। उनके अनुसार, माँ केवल परिवार की धुरी ही नहीं होती, बल्कि वह समाज निर्माण की आधारशिला भी है, जो अपने संस्कारों से आने वाली पीढ़ी को दिशा देती है।
कार्यक्रम के समापन पर सभी मातृशक्तियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके योगदान को निरंतर बनाए रखने का आह्वान किया गया। इस अवसर ने यह संदेश दिया कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए माताओं की भूमिका सर्वोपरि है, और नीता शर्मा जैसी प्रेरणादायक हस्तियां इस दिशा में मार्गदर्शक बनकर उभर रही हैं।


