मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में एक महिला के साथ कथित सामाजिक दंड के नाम पर बर्बर व्यवहार का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, महिला को पहले सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया, उसके बाल काटे गए और उसे अपने पति को कंधे पर उठाकर गाँव में घुमाने के लिए मजबूर किया गया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला तेज़ी से तूल पकड़ गया और पुलिस ने हस्तक्षेप किया।
यह घटना काकनवानी थाना क्षेत्र के बोलवासा/बलवासा गाँव की बताई जा रही है। प्रारंभिक पुलिस जानकारी के मुताबिक, महिला पर घर छोड़कर जाने या किसी संबंध को लेकर संदेह जताया गया था, जिसके बाद रिश्तेदारों और कुछ ग्रामीणों ने मिलकर यह कथित सजा दी। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने पीड़िता को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और मामले की जांच शुरू की।
पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि इस प्रकरण में कई लोग शामिल थे। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, कम से कम 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि बाकी की तलाश जारी है। कुछ रिपोर्टों में 6 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी और कुछ में लगभग 10 लोगों की संलिप्तता का उल्लेख है, लेकिन इतना स्पष्ट है कि मामला केवल एक पारिवारिक विवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भीड़ की भागीदारी के साथ सार्वजनिक अपमान में बदल गया।
यह घटना सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि कानून के शासन को खुली चुनौती की तरह भी देखी जा रही है। जब भीड़ निजी जीवन और रिश्तों पर स्वयंभू पंचायत की तरह फैसला थोपने लगे, तब प्रश्न केवल अपराधियों पर नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना, स्थानीय निगरानी और त्वरित प्रशासनिक हस्तक्षेप पर भी खड़ा होता है। अब असली कसौटी यह होगी कि पुलिस कार्रवाई वीडियो वायरल होने की प्रतिक्रिया भर बनकर न रह जाए, बल्कि दोषियों के खिलाफ मुकदमा मुकम्मल तरीके से आगे बढ़े।


