नवविवाहित जोड़ों ने भी जाना स्व जनगणना का महत्व
डिंडोरी सी टाइम्स । आकांक्षी विकासखंड बजाग में जिला प्रशासन की अभिनव पहल देखने को मिली। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन एवं एसडीएम रामबाबू देवांगन के मार्गदर्शन में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में 200 जोड़े एक साथ परिणय सूत्र में बंधे। इस आयोजन की सबसे खास बात रही कि विवाह स्थल को ही ’स्व जनगणना’ का केंद्र बना दिया गया।
दरअसल 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक प्रदेश में ’स्व जनगणना’ ऑनलाइन माध्यम से की जा रही है। इसे प्रभावी बनाने और अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने सामूहिक विवाह सम्मेलन का अवसर चुना। विवाह स्थल पर ही स्व जनगणना के लिए विशेष काउंटर लगाए गए। साथ ही लोगों की सहायता के लिए हेल्प डेस्क भी स्थापित किए गए जहाँ प्रशिक्षित कर्मचारी व शिक्षक तैनात रहे।
आयोजन स्थल पर बनाए गए आकर्षक ’सेल्फी प्वाइंट’ लोगों के आकर्षण का केंद्र बने। यहाँ आने वाले सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामीणों ने पहले सेल्फी ली और फिर स्व जनगणना की ऑनलाइन प्रक्रिया को समझा।
सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि विवाह बंधन में बंधने वाले कुछ नवविवाहित वर और वधू का स्व जनगणना फॉर्म विवाह के तुरंत बाद ही ऑनलाइन भरवाया गया। इतना ही नहीं, विवाह में शामिल होने आए उनके परिजनों को भी स्व जनगणना का फॉर्म मोबाइल पर ऑनलाइन भरना सिखाया गया। इस कार्य में शिक्षकों की भूमिका सराहनीय रही। शिक्षकों ने ग्रामीणों को घर-घर जाकर नहीं बल्कि विवाह स्थल पर ही एकत्रित भीड़ को स्व जनगणना फॉर्म भरने के लिए प्रेरित किया और प्रक्रिया समझाई।
आदिवासी बहुल वनांचल क्षेत्र बजाग में इस तरह के बड़े आयोजन में प्रशासन की यह पहल आमजन को जागरूक करने का एक अनोखा और सफल प्रयोग साबित हुई। अक्सर दूरस्थ क्षेत्रों में इंटरनेट और तकनीकी जानकारी के अभाव में लोग ऑनलाइन प्रक्रियाओं से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में सामूहिक विवाह जैसे आयोजन में हजारों लोगों की मौजूदगी का लाभ उठाते हुए प्रशासन ने उन्हें एक ही स्थान पर स्व जनगणना से जोड़ा।
कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन के इस नवाचार की प्रशंसा की। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने कहा कि शासन की मंशा है कि स्व जनगणना से कोई भी व्यक्ति न छूटे। इसलिए भीड़ वाले आयोजनों को जागरूकता का माध्यम बनाया जा रहा है। एसडीएम रामबाबू देवांगन ने बताया कि इस पहल से एक ही दिन में सैंकड़ों लोगों के फॉर्म भरे गए।
इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि शासकीय योजनाओं को त्योहारों और सामाजिक आयोजनों से जोड़कर अंतिम व्यक्ति तक आसानी से पहुंचा जा सकता है।
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