जबलपुर के भेड़ाघाट क्षेत्र में दबंगई और कथित अवैध कब्जे का एक मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय स्तर पर हड़कंप मचा दिया है। धन्वंतरी नगर निवासी विपिन तंतवाय ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया है कि भेड़ाघाट में किराये पर संचालित उनका “न्यू फौजी ढाबा” जबरन कब्जा कर लिया गया। पीड़ित के अनुसार, उन्होंने 11 महीने के वैध किरायानामे पर ढाबा लिया था और नियमित रूप से व्यवसाय चला रहे थे।
उनका कहना है कि 20 अप्रैल की रात मकान मालिक आशीष शुक्ला अपने साथियों और कथित रूप से शराब कंपनी से जुड़े कुछ लोगों के साथ ढाबे पर पहुंचा। आरोप है कि बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के सभी लोग ढाबे में घुस गए और जबरन कब्जा कर लिया।
लाखों का नुकसान, कर्मचारियों पर असर
पीड़ित के मुताबिक, आरोपियों ने ढाबे में जमकर तोड़फोड़ की। फर्नीचर, बर्तन और अन्य सामान को नुकसान पहुंचाया गया, जबकि ग्राहकों के लिए तैयार भोजन भी फेंक दिया गया। इस घटना में करीब 3 से 4 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है।
साथ ही ढाबे में रखे लगभग 12 हजार रुपये नकद गायब होने का भी आरोप लगाया गया है। इस घटना का असर ढाबे में काम करने वाले करीब पांच कर्मचारियों पर भी पड़ा है, जिनकी रोजी-रोटी अचानक प्रभावित हो गई है।
शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं
विपिन तंतवाय का कहना है कि घटना के तुरंत बाद उन्होंने डायल 112 और सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे आहत होकर उन्होंने पुलिस अधीक्षक से सीधे न्याय की गुहार लगाई है।
एफआईआर और कार्रवाई की मांग
पीड़ित ने मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और उन्हें हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई भी कराई जाए।
इस घटना ने एक बार फिर शहर में कानून-व्यवस्था और अवैध कब्जों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब निगाहें पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस मामले में कितनी तेजी और निष्पक्षता से कार्रवाई करता है और पीड़ित को न्याय कब तक मिल पाता है।


