मुंबई, 27 अप्रैल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को ‘महाचतुर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चैटबॉट’ लॉन्च किया, जिसका उद्देश्य शिक्षा से रोजगार तक की प्रक्रिया को सुगम बनाना और कौशल विकास, रोजगार के अवसरों और उद्यमिता मार्गदर्शन के लिए एक एकीकृत मंच प्रदान करना है।
लॉन्च के अवसर पर बोलते हुए, मुख्यमंत्री फडणवीस ने भारत के ‘जनसांख्यिकीय लाभ’ पर प्रकाश डाला और बताया कि 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है। उन्होंने कहा कि उद्योग कुशल मानव संसाधन की तलाश में हैं और युवा रोजगार की तलाश में हैं, और ‘महाचतुर चैटबॉट’ इन दोनों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी का काम करेगा।
उन्होंने आगे कहा कि व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित सहायक, कौशल प्रशिक्षण संबंधी जानकारी और आवेदन प्रक्रियाओं, रोजगार के अवसरों की सूचनाओं, उद्यमिता मार्गदर्शन, बाजार संपर्क, मूल्यांकन और शिकायत निवारण के लिए एक ‘वन-स्टॉप सॉल्यूशन’ प्रदान करता है।
फडनवीस के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म की एक प्रमुख विशेषता अप्रेंटिसशिप रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पर इसका प्रभाव है। नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम और महाराष्ट्र अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम के तहत, पंजीकरण जिसमें पहले दो से तीन दिन लगते थे, अब केवल 15 मिनट में पूरा किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि ‘राइटवॉक फाउंडेशन’ के सहयोग से विकसित यह प्रणाली, ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के उपयोगकर्ताओं के लिए अधिकतम डेटा गोपनीयता सुनिश्चित करने हेतु ओपन-सोर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करते हुए सुरक्षित सरकारी सर्वरों पर संचालित होती है।
कौशल एवं उद्यमिता मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने असंगठित कौशल क्षेत्र को संगठित करने के विभाग के संकल्प पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि हालांकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कुछ पारंपरिक नौकरियों को प्रभावित कर सकता है, लेकिन यह नए अवसरों का एक विशाल द्वार खोलता है, और महाराष्ट्र के युवाओं को वैश्विक श्रम बाजार से जोड़ने के प्रयास जारी हैं।


