जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत 27 अप्रैल 2026 को जनपद पंचायत बैहर में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए फील्ड टेस्टिंग किट (FTK) प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।
प्रशिक्षण में बैहर एवं आमगांव सेक्टर की कुल 48 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में उपखंड केमिस्ट कृष्णकांत मेश्राम, ब्लॉक समन्वयक पुष्पलता अंगारे तथा फनीश रंगारे द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना एवं समुदाय को जल गुणवत्ता के प्रति जागरूक बनाना रहा। इस दौरान कार्यकर्ताओं को पानी की गुणवत्ता जांच के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान आंगनवाड़ी एवं स्कूलों से लाए गए पानी के नमूनों की मौके पर ही फील्ड टेस्टिंग किट के माध्यम से जांच कर लाइव डेमो दिया गया। कार्यकर्ताओं को pH मान, फ्लोराइड, आयरन तथा पानी की कठोरता जैसे प्रमुख मानकों की जांच करना सिखाया गया।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी उपखंड बैहर की ओर से उपयंत्री काजल कोड़ापे ने निर्देश दिए कि सभी कार्यकर्ता अपने क्षेत्र के पेयजल स्रोतों की वर्ष में कम से कम दो बार, मानसून से पहले और बाद में जांच करें तथा परीक्षण के परिणामों का रिकॉर्ड संधारित करें। पानी अमानक पाए जाने पर इसकी सूचना तत्काल विभाग की प्रयोगशाला को देने के लिए भी कहा गया। प्रशिक्षण में दूषित पानी से होने वाली बीमारियों जैसे डायरिया और टाइफाइड के बारे में भी जानकारी दी गई तथा सुरक्षित पेयजल के उपयोग पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में एच. के. बागेश्वर, शीतल मिश्रा, हरीश झा, पर्यवेक्षक आशा मेश्राम, कृष्णा मरकाम सहित महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में परियोजना अधिकारी रामनाथ धुर्वे का विशेष सहयोग रहा। इस पहल से ग्राम स्तर पर जल गुणवत्ता की निगरानी मजबूत होने के साथ आंगनवाड़ी केंद्रों, स्कूलों और गांवों में बच्चों एवं नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।


