जबलपुर। नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण परिसर में जर्जर मकान से ईंट निकालते समय दीवार गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई। घटना को एक माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक आरोपियों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने से परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
मृतक धनीराम झारिया के परिजनों ने बरगी थाना में शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि बरगी नगर निवासी ठेकेदार नरहर पटेल 22 मार्च को धनीराम को काम के बहाने अपने साथ ले गया था। परिजनों का कहना है कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि जर्जर मकान से ईंट निकलवाने का काम कराया जा रहा है। इसी दौरान दीवार अचानक गिर गई, जिससे धनीराम की मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक के बेटे गणेश ने बताया कि उनके पिता पहले बकरी चराकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। ठेकेदार ने अधिक मजदूरी का लालच देकर उन्हें काम पर बुलाया, लेकिन काम की वास्तविक स्थिति के बारे में जानकारी नहीं दी गई।
परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद पुलिस ने केवल मर्ग कायम कर जांच शुरू की, लेकिन अब तक आरोपी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि स्थानीय पुलिस ठेकेदार को बचाने का प्रयास कर रही है। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि इलाके में लंबे समय से सरकारी मकानों से ईंट, दरवाजे और खिड़कियां निकालने की घटनाएं होती रही हैं।
मंगलवार को करीब 40 किलोमीटर दूर बरगी नगर से मृतक के परिजन एसपी कार्यालय पहुंचे और न्याय की मांग की। उनका कहना है कि एक महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी न तो कोई अधिकारी उनसे मिलने आया और न ही कोई ठोस कदम उठाया गया।
इस मामले में डीएसपी बीएस गठोरिया ने बताया कि जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। थाना प्रभारी को जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, बहुजन चेतना विकास मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राधेश्याम मेहरा ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बरगी थाने का घेराव किया जाएगा। संगठन ने पुलिस को 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए आरोप लगाया है कि ठेकेदार भोले-भाले ग्रामीणों को काम का लालच देकर अवैध कार्य कराते हैं और इस मामले में कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से भी इनकार नहीं किया जा सकता।


