जबलपुर। हज़रत शाह मिर्ज़ा आगा मोहम्मद साहब रहमतुल्लाह अलैह के उर्स मुबारक के पावन अवसर पर शहर में जुमे के दिन आस्था और श्रद्धा का अनूठा नज़ारा देखने को मिला। शाम करीब 4 बजे आगा चौक से संदल चादर का भव्य जुलूस पूरे शानो-शौकत और धार्मिक उत्साह के साथ निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शामिल होकर अपनी अकीदत पेश की।
जुलूस के दौरान पूरा क्षेत्र सूफियाना रंग में रंगा नजर आया। बैंड-बाजों की मधुर धुनों के साथ नातिया कलाम पेश किए गए, जिससे माहौल पूरी तरह रूहानी हो गया। अकीदतमंद हाथों में परचम लिए “नारा-ए-तकबीर अल्लाहो अकबर” और “नारा-ए-रिसालत या रसूलल्लाह” के नारे बुलंद करते हुए जुलूस के साथ चलते रहे।
इस मौके पर दरगाह कमेटी के मुतवल्ली सैय्यद लियाकत अली, सेक्रेटरी मोहम्मद रफीक खान, सैय्यद साबिर अली सहित अनेक पीर भाई और सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे। सभी ने पूरी श्रद्धा और अनुशासन के साथ जुलूस में भाग लिया।
जुलूस आगा चौक से प्रारंभ होकर बारादरी रानीताल क्षेत्र से होते हुए पुनः अपने प्रारंभिक स्थल पर पहुंचा। वहां परंपरानुसार मज़ार शरीफ पर चादरपोशी की गई और देश-दुनिया में अमन-चैन व खुशहाली के लिए दुआएं मांगी गईं। इसके बाद नजर-ओ-नियाज़ पेश की गई और अकीदतमंदों के बीच तबर्रुक का वितरण किया गया।
रात्रि में आयोजित महफिल-ए-सिमा में सूफियाना रंग और भी गहरा हो गया। प्रसिद्ध कव्वालों ने अपने कलाम से ऐसी समा बांधी कि उपस्थित लोग झूम उठे। पूरी रात दरगाह परिसर इबादत, संगीत और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा।
उर्स शरीफ के समापन अवसर पर शनिवार को अपराह्न 4 बजे आगा चौक स्थित दरगाह में कुल शरीफ का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों ने सभी सूफी हज़रतों, जायरीन और अकीदतमंदों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इस पवित्र अवसर का हिस्सा बनने की अपील की है।


