_तहसीलदार के आदेश के बाद भी काम जारी रहने का आरोप_
181 में शिकायत के बावजूद नहीं हुआ निराकरण,आरआई-पटवारी के पंचनामे पर भी सवाल_, *अनूपपुर* ग्राम पंचायत लामाटोला में निर्माणाधीन मंगल भवन को लेकर चल रहा भूमि विवाद अब प्रशासनिक कार्यप्रणाली और शिकायत निवारण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।शिकायतकर्ता सुदर्शन प्रसाद मिश्रा का आरोप है कि अपनी भूमि से जुड़े विवाद को लेकर तहसीलदार कोतमा के समक्ष शिकायत करने के बाद स्थगन आदेश जारी हुआ,लेकिन इसके बावजूद कुछ समय बाद निर्माण कार्य पुनः शुरू हो गया।निर्माण कार्य जारी रहने की शिकायत के बाद भी उन्हें अब तक अपेक्षित न्याय नहीं मिल पाया है।
*05 अगस्त को जारी हुआ था स्थगन आदेश*
शिकायतकर्ता के अनुसार, उनकी शिकायत पर तहसीलदार कोतमा द्वारा 05 अगस्त 2026 को आदेश क्रमांक 340/प्रवा./2026 जारी कर निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए गए थे।आदेश के बावजूद बाद में मौके पर निर्माण कार्य फिर से शुरू कर दिया गया।इसके बाद उन्होंने मामले को लेकर पुनः शिकायत की।
*आरआई-पटवारी के पंचनामे पर भी उठाए सवाल*
मौके की वास्तविक स्थिति के संबंध में राजस्व निरीक्षक (आरआई) एवं पटवारी द्वारा तैयार किए गए पंचनामे में वास्तविक स्थिति को सही तरीके से दर्ज नहीं किया गया। शिकायकर्ता का कहना है कि उन्होंने पंचनामा में दर्ज तथ्यों पर आपत्ति जताई और उस पर हस्ताक्षर भी नहीं किए।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, मौके पर निर्माण की स्थिति स्पष्ट दिखाई देने के बावजूद दस्तावेजों में स्थिति अलग दर्शाए जाने का मामला जांच का विषय है।उनका आरोप है कि यदि स्वतंत्र रूप से मौके का निरीक्षण कर GPS फोटो, पंचनामा और राजस्व अभिलेखों का मिलान किया जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
*181 पर शिकायत के बाद भी निराकरण नहीं*
स्थानीय स्तर पर शिकायत करने के बाद शिकायतकर्ता ने सीएम हेल्पलाइन 181 पर भी शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना है कि शिकायत दर्ज होने के बावजूद समस्या का प्रभावी एवं स्थायी निराकरण नहीं हुआ।आवेदक का कहना है कि वह अपने अधिकार और भूमि की स्थिति स्पष्ट कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है, लेकिन अब तक उसे न्याय नहीं मिल सका है।
*आखिर किसके दबाव में जारी रहा निर्माण?*
पूरे मामले में अब कई सवाल सामने हैं,जब तहसीलदार ने निर्माण रोकने का आदेश जारी किया था, तो उसके बाद निर्माण कार्य किसके निर्देश या अनुमति से शुरू हुआ?यदि कोई अनुमति नहीं थी तो निर्माण रोकने की जिम्मेदारी किसकी थी?क्या आरआई पटवारी द्वारा तैयार पंचनामा मौके की वास्तविक स्थिति को दर्शाता है?और सबसे अहम सवाल है कि क्या किसी दबाव या प्रभाव के चलते स्थगन आदेश के बावजूद निर्माण कार्य आगे बढ़ता रहा?
उच्चस्तरीय जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
*इनका कहना है कि*
तहसीलदार,सीएम हेल्पलाइन में शिकायत के बाद भी उन्हें न्याय के लिए भटकना पड़ रहा है,जो कि शिकायत निवारण व्यवस्था पर गंभीर सवाल है।निष्पक्ष जांच से ही स्पष्ट होगा कि स्थगन आदेश के बाद निर्माण कैसे जारी रहा और राजस्व संबंधी शिकायतों में वास्तविकता क्या है।
*सुदर्शन प्रसाद मिश्रा*
*शिकायकर्ता*


