। इस हादसे में अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है और घटना को लेकर जिम्मेदारी तय करने की मांग लगातार उठ रही है। इसी बीच राज्यसभा सांसद विवेक कृष्ण तन्खा ने पत्रकार वार्ता कर इस पूरे मामले पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
उन्होंने कहा कि हादसे के बाद केवल निजी कर्मचारियों पर कार्रवाई कर उन्हें हटाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन सरकारी अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए, जिनकी निगरानी में यह पूरा संचालन हो रहा था। उन्होंने साफ तौर पर पूछा कि जब मौसम खराब था, तब आखिर किसके आदेश से क्रूज़ को चलाने की अनुमति दी गई। यह भी बड़ा सवाल है कि बिना लाइफ जैकेट दिए पर्यटकों को क्रूज़ में बैठने कैसे दिया गया, जो कि सीधे तौर पर सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है।
तन्खा ने इस घटना को प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताते हुए कहा कि कई परिवार अपने बच्चों और परिजनों के साथ घूमने गए थे, लेकिन उन्हें इस लापरवाही की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की जांच किसी स्वतंत्र और निष्पक्ष एजेंसी से कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को कड़ी सजा मिल सके।
उन्होंने मृतकों के परिजनों के लिए कम से कम 10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग करते हुए कहा कि यह सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है कि पीड़ित परिवारों को उचित सहायता दी जाए। साथ ही जो लोग अब भी लापता हैं, उनकी तलाश तेज करने की जरूरत बताई और कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन युद्ध स्तर पर चलाया जाना चाहिए।
तन्खा ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं भी व्यक्त कीं और कहा कि वे इस दुख की घड़ी में उनके साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि प्रभावित परिवारों को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति मिले।
इस दौरान कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस घटना को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। कुल मिलाकर यह हादसा अब केवल एक दुर्घटना नहीं रह गया है, बल्कि यह प्रशासनिक जवाबदेही, सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदारी तय करने का बड़ा मुद्दा बन गया है।


