जीआरपी (राजकीय रेलवे पुलिस) जबलपुर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगाने और उसके साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी रिश्ते में पीड़िता का जीजा लगता है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है।
मामले की शुरुआत 2 दिसंबर 2024 को हुई, जब फरियादी ने जीआरपी थाने में शिकायत दर्ज कराई। फरियादी ने बताया कि उसकी 14 वर्षीय बेटी उसके साथ मुंबई से दरभंगा की ट्रेन यात्रा कर रही थी। इसी दौरान आरोपी ने नाबालिग को अपने झांसे में लिया और उसे रास्ते में ही जबलपुर रेलवे स्टेशन पर उतारकर अगवा कर लिया। शिकायत मिलते ही पुलिस ने तुरंत गुमशुदगी का अपराध दर्ज कर तलाश शुरू कर दी।
पुलिस टीम ने सरगर्मी से तलाश करते हुए गुमशुदा नाबालिग बालिका को बिहार के समस्तीपुर से सुरक्षित दस्तयाब कर लिया। पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि आरोपी मो. अश्फ़ी (जीजा) उसे अगवा कर अपने साथ दिल्ली ले गया था, जहां उसने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। पुलिस ने आवश्यक पूछताछ के बाद नाबालिग को सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
बालिका के बयानों के आधार पर पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(2f), 65(1) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की धारा 5l/6, 5n/6 का इजाफा किया। इसके बाद 22 वर्षीय आरोपी मो. अश्फ़ी (पिता मो. कैसर आलम, निवासी ग्राम खानपुर, समस्तीपुर, बिहार) को गिरफ्तार कर लिया गया।
यह पूरी कार्रवाई रेल पुलिस अधीक्षक सुश्री शिमाला प्रसाद के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (रेल) भावना मरावी व उप अधीक्षक अंकिता सुल्या के मार्गदर्शन में की गई। आरोपी को पकड़ने और बच्ची को सकुशल बरामद करने में जीआरपी थाना प्रभारी संजीवनी राजपूत, एएसआई भागचंद उद्दे, प्रधान आरक्षक नन्दकिशोर, आरक्षक मो. रईस और महिला आरक्षक गुरजीत, आस्था, प्रियंका, आरती व मनीषा की सराहनीय भूमिका रही।


