छिड़का स्प्रे और दोबारा टेपिंग के बाद तमिलनाडु रवाना हुए शव
जबलपुर। बरगी डैम में हुए दुखद क्रूज हादसे के पीड़ितों के शवों को उनके गृह राज्य भेजने के दौरान सोमवार सुबह डुमना एयरपोर्ट पर हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। फ्लाइट पायलट ने आयुध निर्माणी खमरिया (OFK) के कर्मचारी कामराज आर और उनके 5 वर्षीय बेटे श्रीतमिल के शवों को ले जाने से यह कहते हुए मना कर दिया कि शवों से दुर्गंध आ रही है। हालांकि, प्रशासनिक हस्तक्षेप और विशेष इंतजामों के बाद करीब डेढ़ घंटे की देरी से फ्लाइट ने त्रिची (तमिलनाडु) के लिए उड़ान भरी।
पायलट का तर्क- ‘बॉडी डी-कंपोज हो रही है’
जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 6 बजे दोनों शवों को लेकर परिजन और साथी कर्मचारी डुमना एयरपोर्ट पहुंचे थे। सुबह 7:30 बजे जब विशेष विमान आया और शवों को उसमें लोड किया जाने लगा, तब पायलट और ऑपरेटर ने आपत्ति दर्ज कराई। उनका तर्क था कि शव कई दिनों तक पानी में रहने के कारण डी-कंपोज (अपघटित) हो रहे हैं, जिससे उठ रही स्मेल के कारण वे उड़ान नहीं भर सकते।
कलेक्टर के निर्देश पर सक्रिय हुआ अमला
शवों को ले जाने से इंकार की खबर जैसे ही प्रशासन तक पहुंची, हड़कंप मच गया। कलेक्टर के निर्देश पर तत्काल रांझी एसडीएम और तहसीलदार एयरपोर्ट पहुंचे। तमिलनाडु हाउस के अधिकारी भी मौके पर मौजूद थे। ऑपरेटर को मनाने के लिए आनन-फानन में सेंट और खुशबूदार स्प्रे मंगवाए गए। शवों के ताबूत (कॉफिन) को दोबारा अच्छी तरह से टेपिंग कर सील किया गया, तब जाकर ऑपरेटर शवों को ले जाने के लिए तैयार हुआ।
एक घंटे की देरी से भरी उड़ान
इस पूरी जद्दोजहद के कारण फ्लाइट अपने निर्धारित समय से एक घंटे से अधिक की देरी से सुबह 9 बजे त्रिची के लिए रवाना हुई। इससे पहले, खमरिया अस्पताल में साथी कर्मचारियों ने कामराज आर को अश्रुपूर्ण विदाई देते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए।
13 की मौत, सभी शव बरामद
30 अप्रैल को पर्यटन विभाग का क्रूज डूबने से हुए इस हादसे में 13 लोगों की जान चली गई। सर्च ऑपरेशन के चौथे दिन रविवार को कामराज और उनके भतीजे मयूरन का शव बरामद होने के साथ ही सभी मृतकों के शव मिल चुके हैं। मृतकों में 8 महिलाएं और 4 बच्चे शामिल हैं।


