*बरघाट के वार्ड 10 में महीनों से बंद हैंडपंप हुआ चालू, स्कूल के मासूम चेहरों पर लौटी मुस्कान*
बरघाट/नगर के वार्ड क्रमांक 10 स्थित शासकीय प्राथमिक शाला बरघाट टोला में बीते कई महीनों से पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई थी। विद्यालय परिसर के सामने लगा एकमात्र हैंडपंप खराब होकर बंद पड़ा था, जिससे स्कूल के छोटे-छोटे बच्चे, शिक्षकगण तथा आसपास के वार्डवासी पानी के लिए परेशान हो रहे थे,भीषण गर्मी के इस मौसम में पानी की कमी ने स्थिति को और अधिक चिंताजनक बना दिया था,विद्यालय में शासन की ओर से मध्यान्ह भोजन योजना संचालित है, किंतु पानी की सुविधा के अभाव में भोजन व्यवस्था भी प्रभावित हो रही थी, मासूम छात्र-छात्राएं दूर-दूर से पानी लाकर अपनी प्यास बुझाने और विद्यालय की दैनिक गतिविधियां संचालित करने को मजबूर थे,विद्यालय की प्रधानाचार्य द्वारा कई बार संबंधित विभाग और नगर परिषद में शिकायत की गई, परंतु समस्या का समाधान नहीं हो सका। नवीन शिक्षा सत्र प्रारंभ होने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी रही।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, नगर परिषद एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा इस मूलभूत सुविधा की ओर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया, छोटे-छोटे बच्चों को पानी जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित रहकर शिक्षा ग्रहण करनी पड़ रही थी, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण था,इसी बीच नगर परिषद के सांसद प्रतिनिधि अंशुल पवार जब विद्यालय के समीप से गुजर रहे थे, तब उन्होंने बच्चों को दूर से पानी लाते देखा, स्थिति को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने तुरंत संबंधित विभाग को निर्देशित किया और स्वयं की उपस्थिति में मरम्मत दल बुलवाकर बंद पड़े हैंडपंप को ठीक कराया, तकनीकी सुधार के बाद जैसे ही हैंडपंप चालू हुआ, विद्यालय में खुशी की लहर दौड़ गई। बच्चों के चेहरों पर संतोष और उत्साह स्पष्ट दिखाई देने लगा,यह कार्य भले ही एक छोटी मूलभूत सुविधा से जुड़ा था, परंतु इसका प्रभाव बड़ा और दूरगामी है। गर्मी के दिनों में पेयजल की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक होती है, विशेषकर उन विद्यालयों में जहां छोटे बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हों, अंशुल पवार की तत्परता और संवेदनशीलता ने यह संदेश दिया है कि जनसेवा केवल बड़े मंचों पर दिए गए भाषणों से नहीं, बल्कि छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान से सिद्ध होती है।


