सिवनी- जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत विकासखंड सिवनी में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग खंड सिवनी द्वारा पेयजल गुणवत्ता एवं जल संरक्षण विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम कार्यपालन यंत्री श्री नरेश कुवाल के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। प्रशिक्षण में सिवनी सेक्टर-1, सेक्टर-2, बांकी, कलारबांकी, सिवनी एवं फुलारा सहित 4 सेक्टरों की लगभग 90 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में पीएमयू स्टॉफ द्वारा अभियान के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए बताया गया कि जल गंगा संवर्धन अभियान 19 मार्च से 30 जून 2026 तक संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत जल स्रोतों के संरक्षण, स्वच्छता, जल के महत्व एवं उपयोगिता तथा पेयजल के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में गांवों में गठित तदर्थ समितियों की भूमिका, पानी के अपव्यय को रोकने तथा योजनाओं के बेहतर संचालन के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान जिला रसायनज्ञ प्रयोगशाला सिवनी के श्री नरेश कुशराम द्वारा एफटीके (FTK) पेयजल परीक्षण किट के माध्यम से जल गुणवत्ता परीक्षण की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा स्कूलों एवं आंगनबाड़ियों से लाए गए पानी के नमूनों की मौके पर ही जांच की गई। कार्यकर्ताओं ने स्वयं भी परीक्षण प्रक्रिया को समझते हुए पानी की गुणवत्ता जांच कर व्यवहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण में ब्लॉक समन्वयक श्री दिनेश देशमुख एवं जल निगम टीम द्वारा सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का WQMIS पोर्टल पर पंजीयन पूर्ण कराया गया तथा एफटीके किट का वितरण भी किया गया।
कार्यक्रम में सहायक यंत्री श्री आर.जी. गभने, उपयंत्री सुश्री लक्ष्मी वाडीवा, महिला बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी क्रमांक-1 श्री देवेंद्र यादव, परियोजना अधिकारी क्रमांक-2 श्री शंशाक ठाकुर, सुपरवाइजर सुश्री रीना यादव, सुश्री रचना कुल्हाड़े, सुश्री किरण पिंलेर, जल निगम टीम एवं समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सराहनीय सहयोग रहा। अंत में विभाग द्वारा सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन किया गया।


