34.3 C
Jabalpur
June 10, 2026
सी टाइम्स
व्यापार

पूर्वी भारत की खेती को नई दिशा देने की तैयारी, शिवराज सिंह चौहान बोले- दलहन और तिलहन में आत्मनिर्भर बनना जरूरी



भुवनेश्वर, 19 मई  केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पूर्वी भारत के राज्यों से इस खरीफ सीजन में दलहन, तिलहन और फसल विविधीकरण पर विशेष ध्यान देने की अपील की है। 

उन्होंने कहा कि छोटे और सीमांत किसानों को केंद्र में रखकर खेती की नई रणनीति तैयार करनी होगी, जिससे किसानों की आय बढ़े और कृषि क्षेत्र मजबूत बने।

शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को आयोजित पूर्वी क्षेत्रीय खरीफ कृषि जोनल सम्मेलन में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा मिलकर तैयार किया गया विषय-विशेष, क्षेत्र-विशेष और राज्य-विशेष रोडमैप पूर्वी भारत की कृषि को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।

उन्होंने कहा कि आज भारत धान और गेहूं उत्पादन में मजबूत स्थिति में है, लेकिन दलहन और तिलहन के मामले में अभी आत्मनिर्भरता हासिल करना बाकी है।

शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि फसल विविधीकरण का मतलब सिर्फ दूसरी फसलें उगाना नहीं हैं, बल्कि मिट्टी की सेहत को बचाना भी है। उन्होंने कहा कि लगातार एक ही फसल उगाने से मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है, जबकि दलहन की खेती नाइट्रोजन फिक्सेशन के जरिए मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने में मदद करती है।

इस जोनल सम्मेलन में ओडिशा, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड और पश्चिम बंगाल शामिल हुए। सम्मेलन में खाद्य सुरक्षा, पोषण, किसानों की आय, फसल विविधीकरण, एकीकृत खेती, संतुलित उर्वरक उपयोग, किसान आईडी, प्राकृतिक खेती, बागवानी और कृषि ढांचे जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

कृषि मंत्री ने कहा कि भारत जैसे बड़े देश में हर राज्य की जलवायु, मिट्टी और कृषि चुनौतियां अलग हैं। ऐसे में एक राष्ट्रीय सम्मेलन की बजाय क्षेत्रीय जोनल सम्मेलन ज्यादा प्रभावी साबित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह तीसरा जोनल सम्मेलन था, जिसका उद्देश्य पूर्वी भारत की जरूरतों के अनुसार ठोस फैसले लेना है।

उन्होंने छोटे और सीमांत किसानों के लिए एकीकृत खेती को बेहद जरूरी बताया। चौहान ने कहा कि ऐसे मॉडल तैयार किए गए हैं, जिनमें अनाज के साथ बागवानी, सब्जियां, पशुपालन, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन और कृषि वानिकी को जोड़ा गया है, ताकि किसानों के लिए आय के कई स्रोत तैयार हो सकें।

शिवराज सिंह चौहान ने यह भी घोषणा की कि 1 जून से 15 जून तक देशभर में ‘खेत बचाओ अभियान’ चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत संतुलित उर्वरक उपयोग, मिट्टी की सेहत और किसानों को जागरूक करने पर जोर दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मिट्टी की स्थिति जाने बिना अत्यधिक उर्वरक इस्तेमाल करने से लागत बढ़ती है और इसका बुरा असर मिट्टी, फसल और मानव स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। इसलिए संतुलित उपयोग बेहद जरूरी है।

कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार कृषि क्षेत्र में तीन मुख्य लक्ष्यों पर काम कर रही है, जिसमें देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना, पौष्टिक भोजन की उपलब्धता बढ़ाना और किसानों की आय व जीवन स्तर को मजबूत करना शामिल हैं।

अन्य ख़बरें

जीईएम ने बदली सरकारी खरीद की तस्वीर, 10 साल में 400 करोड़ से 5 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचा कारोबार: सीईओ मिहिर कुमार

Newsdesk

एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने गौतम अदाणी, संपत्ति 89 अरब डॉलर के पार: फोर्ब्स

Newsdesk

ईडी ने जेप्टो के फाउंडर्स को भेजा समन, अपडेटेड आईपीओ ड्राफ्ट पेपर में सामने आई जानकारी

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading