निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार के निर्देशानुसार अधीक्षण यंत्री कमलेश श्रीवास्तव ने जल चौपाल कार्यक्रम का किया निरीक्षण*
*समस्या का कराया निदान, जिन जगहों पर पाइप लाइन नहीं है उन सभी जगहों पर टैंकरों के माध्यम से कराई जा रही है जलापूर्ति*
*कस्तूरबा गांधी, कैलाशपुरी पहाड़ी, आजादनगर पहाड़ी, उखरी बस्ती, रानीताल करबला, शांतिनगर, न्यू आनंदनगर एवं अन्य क्षेत्रों में लगाई गयी जल चौपाल*
जबलपुर। शहर के सभी संभागों में गर्मी के मौसम में गहराते जल संकट को दूर करने और नागरिकों को राहत पहुंचाने के लिए नगर निगम ने एक बेहद संवेदनशील और प्रभावी कदम उठाया है। निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार के कड़े निर्देश पर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जल चौपाल का आयोजन किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य जनता के बीच जाकर उनकी पानी से जुड़ी समस्याओं को सुनना और मौके पर ही उनका त्वरित निराकरण करना है। इसी कड़ी में निगमायुक्त के निर्देश पर अधीक्षण यंत्री कमलेश श्रीवास्तव ने विभिन्न संभागों में आयोजित जल चौपाल कार्यक्रमों का औचक निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
*मौके पर ही हो रहा समस्याओं का निदान*
जल चौपाल के माध्यम से नगर निगम की टीमें सीधे नागरिकों से संवाद कर रही हैं। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने न सिर्फ लोगों की शिकायतें सुनीं, बल्कि कई समस्याओं का मौके पर ही निदान कराया। जिन क्षेत्रों में अभी तक पाइप लाइन का विस्तार नहीं हो पाया है या तकनीकी कारणों से पानी नहीं पहुंच पा रहा है, वहां नागरिकों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। नगर निगम ऐसे सभी प्रभावित इलाकों में टैंकरों के माध्यम से सुचारू रूप से जलापूर्ति सुनिश्चित कर रहा है।
शहर के उन हिस्सों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है जहां पानी की समस्या अधिक देखी जाती है। मुख्य रूप से कस्तूरबा गांधी वार्ड, कैलाशपुरी पहाड़ी एवं आजाद नगर पहाड़ी क्षेत्र, उखरी बस्ती, रानीताल करबला, शांतिनगर एवं न्यू आनंदनगर तथा अन्य संबंधित जल संकट वाले क्षेत्र में जल चौपाल लगाकर नागरिकों को राहत दी गई।
नगर निगम की इस त्वरित कार्यप्रणाली और संवेदनशील पहल से स्थानीय निवासियों में भारी उत्साह और संतोष देखा जा रहा है। पहाड़ी और दूर-दराज की बस्तियों में रहने वाले लोगों का कहना है कि प्रशासन का खुद चलकर उनके द्वार आना और पानी की समस्या को हल करना बेहद सराहनीय है। अधीक्षण यंत्री कमलेश श्रीवास्तव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जब तक जल संकट पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता, तब तक चौपाल और टैंकरों के माध्यम से पानी के वितरण की निगरानी लगातार जारी रखी जाए, ताकि किसी भी नागरिक को बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान न होना पड़े।


