जबलपुर। अखिल विश्व गायत्री परिवार शक्तिपीठ मनमोहन नगर जबलपुर में संस्कार संवर्धन शिविर आयोजित किया गया। मुख्य ट्रस्टी बी बी शर्मा, व्यवस्थापक प्रमोद राय, बाल संस्कार शाला प्रभारी इंदु राय, ज्ञानोदय विद्यालय प्राचार्य राजकुमारी गुप्ता, वरिष्ठ परिजन एस डी रावत, आंदोलन प्रभारी प्रकाश मूरजानी ने दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
एक दिवसीय शिविर में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए संस्कार संवर्धन हेतु विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं, योग सत्र में योगाचार्य कु वर्षा सोनी एवं डॉ दीपांकर अत्रे के मार्गदर्शन में बच्चों को आसन, प्राणायाम और ध्यान की विधि सिखाई गई, जिससे उन्हें स्वास्थ्य, एकाग्रता और मानसिक शांति के लिए प्रेरणा प्राप्त हुई।
सफल दिनचर्या का दिया गया वीडियो:-
पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से 10 अचीवर किड्स की सफ ल दिनचर्या का वीडियो दिखाया गया तथा अच्छी आदतों के महत्व पर विस्तार से कु शिखा नरेला द्वारा चर्चा की गई, जिससे बच्चों में विधिवत दिनचर्या अपनाने की प्रेरणा उत्पन्न हुई। एक्टिविटी सेशन में निशा शर्मा द्वारा बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से टीम वर्क, अनुशासन और सृजनात्मकता सिखाई गई।
साहस, नैतिकता और अच्छाई की दी गई प्रेरणा:-
माइंड गेम्स में गीता वासुदेव एवं गुनगुन नामदेव के नेतृत्व में बच्चों की बौद्धिक क्षमताए निर्णय लेने की शक्ति और एकाग्रता बढ़ाने वाले रोचक खेल खेले गए। प्रेरणादायक कहानी का सत्र पर्णिका आर्य द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसमें मूल्यवान जीवन संदेशों वाली कहानियों के माध्यम से बच्चों को नैतिकता, साहस और अच्छाई की प्रेरणा दी गई।
त्रिदिवसीय संस्कार शिविर हेतु चयनित हुए विद्यार्थी:-
गुरुदेव जीवन दर्शन का सत्र दीपांकर अत्रे द्वारा संचालित किया गया। जिसमें गुरुदेव के आदर्शों, विचारों और जीवन दर्शन को सरल भाषा में समझाया गया, जिससे बच्चों के मन में सकारात्मक मूल्यों का बीजारोपण हुआ। प्रश्नोत्तर सत्र में बच्चों के विभिन्न प्रश्नों, खान.पान, स्वास्थ्य, आदत निर्माण आदि का उत्तर पीपीटी के माध्यम से दिया गया तथा 25 प्रश्नों पर आधारित आकलन पत्रक के आधार पर चयनित विद्यार्थियों को त्रिदिवसीय संस्कार शिविर हेतु चयनित किया गया। टेक्निकल सहयोग वेदांत बक्शी द्वारा तथा पूरे कार्यक्रम की व्यवस्था स्नेहलता साबरे, उमेश साबरे, सुनील मालवीय, मोहन चक्रवैश्य, दीपेश कोष्टा, अनमोल पाठक एवं आयुष पटेल द्वारा कुशलतापूर्वक की गई।


