42.5 C
Jabalpur
May 25, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

हाईकोर्ट के आदेश के बाद गोलबाजार अतिक्रमण मामले में नगर निगम गंभीर

22 जून तक कार्रवाई के निर्देश, 12,800 वर्गफुट सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप
जबलपुर। गोलबाजार क्षेत्र में 12,800 वर्गफुट सरकारी भूमि पर कथित अतिक्रमण के मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के निर्देश के बाद नगर निगम प्रशासन सक्रिय हो गया है। नगर निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने कहा है कि मामले में सभी तथ्यों की जांच और न्यायालय के आदेश का अध्ययन किया जा रहा है, जिसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने जबलपुर कलेक्टर एवं नगर निगमायुक्त को निर्देश दिए हैं कि यदि जांच में भूमि सरकारी पाई जाती है, तो 22 जून 2026 या उससे पहले अतिक्रमण हटाया जाए। यह आदेश जस्टिस विवेक अग्रवाल एवं जस्टिस रत्नेश चंद्र सिंह बिसेन की डिवीजन बेंच ने दिए हैं।
मामला स्थानीय पार्षद अयोध्या तिवारी सहित अन्य लोगों पर सरकारी भूमि पर कब्जा करने के आरोप से जुड़ा है। हस्तक्षेपकर्ता अमित जैन की ओर से न्यायालय को बताया गया कि गोलबाजार क्षेत्र में जयदीप शाह के घर के सामने स्थित लगभग 12,800 वर्गफुट का भूखंड सरकारी भूमि है, जिस पर अतिक्रमण किया गया है। इस संबंध में राज्य शासन और नगर निगम को पूर्व में अभ्यावेदन भी दिया गया था, जिसमें अतिक्रमण हटाने की मांग की गई थी, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि यदि याचिकाकर्ता तीन दिनों के भीतर कलेक्टर एवं नगर निगम आयुक्त को अभ्यावेदन प्रस्तुत करता है, तो संबंधित अधिकारी पहले यह तय करेंगे कि संबंधित भूमि वास्तव में सरकारी है या नहीं। यदि भूमि सरकारी पाई जाती है, तो 30 दिनों के भीतर अतिक्रमण हटाने की पूरी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि 22 जून 2026 तक या उससे पहले अतिक्रमण हटाया जाना चाहिए। मामले की अगली सुनवाई 25 जून को निर्धारित की गई है।

अन्य ख़बरें

रांझी बस्ती में शराब दुकान शिफ्ट करने का विरोध तेज, स्थानीय लोगों ने जताई नाराजगी

Newsdesk

रीवा साध्वी हादसे का विरोध,  जैन समाज ने निकाला मौन जुलूससंत सुरक्षा कानून की उठी पुरजोर मांग

Newsdesk

नौतपा के पहले दिन ही झुलसी संस्कारधानी, 44 डिग्री तक पहुंचा तापमान

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading