जबलपुर। माढ़ोताल थाना क्षेत्र के अंतर्गत कटंगी बाइपास पर स्थित होटल सुकून में हुए एक बड़े विवाद के बाद पुलिस ने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं द्वारा होटल में कथित अनैतिक गतिविधियों के विरोध में किए गए प्रदर्शन और उसके बाद हुई मारपीट के मामले में माढ़ोताल थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद पूर्व तहसीलदार विवेक त्रिपाठी एक बार फिर गंभीर विवादों के घेरे में आ गए हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और होटल के दस्तावेजों सहित सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में लेकर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
होटल परिसर में हिंदू संगठनों का हंगामा
गत दिवस बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों के पदाधिकारी तथा कार्यकर्ता अचानक कटंगी बाइपास स्थित होटल सुकून पहुंचे। संगठन के सदस्यों का आरोप था कि इस व्यापारिक प्रतिष्ठान में पिछले काफी समय से संदिग्ध और अनैतिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। कार्यकर्ताओं ने होटल के भीतर जाकर विरोध जताना शुरू किया। इस प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय बेहद संवेदनशील हो गया जब संगठन के लोगों ने होटल के कमरों में 2 युवक और 2 युवतियों को आपत्तिजनक परिस्थितियों में पाए जाने का दावा किया। इसके बाद होटल प्रबंधन और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते यह विवाद धक्का-मुक्की और मारपीट में बदल गया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि विरोध दर्ज कराने के दौरान होटल स्टाफ द्वारा उनके साथ अभद्र व्यवहार और हिंसा की गई। घटना की सूचना मिलते ही माढ़ोताल थाना पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा और दोनों पक्षों को शांत कराकर स्थिति को पूर्ण नियंत्रण में लिया।
पूर्व प्रशासनिक अधिकारी के पुराने जमीनी विवाद फिर आए सामने
इस नए विवाद के कारण पूर्व तहसीलदार विवेक त्रिपाठी का नाम दोबारा सुर्खियों में आ गया है। इससे पहले भी विवेक त्रिपाठी का नाम जबलपुर शहर के विभिन्न हिस्सों में जमीन, अवैध कॉलोनी निर्माण और प्लॉटिंग से जुड़े विवादों में प्रमुखता से सामने आ चुका है। विशेष रूप से सतपुड़ा इन्फ्रा और ऑक्सी कॉलोनी जैसे बड़े मामलों में भूमि के मालिकाना हक, आम रास्ते के अधिकार और आवश्यक वैधानिक अनुमतियों के उल्लंघन को लेकर उन पर कई गंभीर सवाल खड़े हुए थे। ताजा घटनाक्रम के बाद स्थानीय नागरिकों में भी भारी असंतोष देखा जा रहा है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जो व्यक्ति प्रशासनिक और जिम्मेदार पदों पर कार्य कर चुका हो, उससे आम जनता कानून के पालन और सामाजिक उत्तरदायित्व की उम्मीद करती है। परंतु बार-बार इस प्रकार के कानूनी विवादों में नाम आने से समाज में गलत संदेश जा रहा है और लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है।
सीसीटीवी फुटेज व गेस्ट रजिस्टर की गहन जांच
माढ़ोताल थाना पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए होटल के रिकॉर्ड्स की जांच तेज कर दी है। पुलिस टीम द्वारा होटल के मुख्य गेस्ट रजिस्टर, डिजिटल एंट्री, सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और होटल संचालन से जुड़े सभी वैधानिक दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है। शुरुआती जांच में यह बात भी सामने आ रही है कि होटल में आने-जाने वाले मेहमानों की पहचान का सत्यापन करने की प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही बरती जा रही थी और बिना उचित दस्तावेजों के लोगों को कमरे दिए जा रहे थे। इस घटना के बाद कटंगी बाइपास और उसके आसपास के क्षेत्रों में संचालित होने वाले अन्य ढाबों, होटलों और रिसॉर्ट्स की कार्यप्रणाली पर भी उंगलियां उठने लगी हैं। विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों ने जिला प्रशासन से यह मांग की है कि बाईपास क्षेत्र के सभी वाणिज्यिक ठहरने वाले स्थानों की अचानक चेकिंग की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों पर तत्काल सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच से प्राप्त तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


