विधायक के निर्देश पर सत्ता पक्ष के पार्षदों ने की थी तालाबंदी
जबलपुर। रांझी क्षेत्र के बड़ा पत्थर इलाके में शराब दुकान को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। स्थानीय नागरिकों के विरोध के बाद अब मामला राजनीतिक और प्रशासनिक टकराव का रूप ले चुका है। क्षेत्र में शराब दुकान खोले जाने के प्रयासों को लेकर जनता में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
जानकारी के अनुसार मानेगांव की शराब दुकान को कथित रूप से तीसरी बार रांझी बस्ती क्षेत्र में शिफ्ट किए जाने की तैयारी की जा रही थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह स्थानांतरण नियमों के विपरीत किया जा रहा है। विरोध बढ़ने पर शनिवार को क्षेत्रीय विधायक के निर्देश पर सत्ता पक्ष के पार्षदों ने एमआईसी सदस्य दामोदर सोनी के नेतृत्व में शराब दुकान पहुंचकर तालाबंदी कर दी थी।
बताया जा रहा है कि जिला प्रशासन द्वारा दुकान बंद कराए जाने के बाद भी शराब ठेकेदार ने कुछ दूरी पर दोबारा दुकान शुरू करने की कोशिश की, जिसका स्थानीय लोगों ने विरोध कर रुकवा दिया। सोमवार को भी कथित रूप से गुपचुप तरीके से दुकान खोले जाने की तैयारी चल रही थी, लेकिन क्षेत्रीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के विरोध के चलते मामला फिर गरमा गया।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच नगर निगम पार्षद एवं एमआईसी सदस्य दामोदर सोनी का बयान चर्चा में है। उन्होंने शराब दुकान संचालकों को चेतावनी देते हुए कहा कि दुकान का स्थानांतरण ऐसी जगह होना चाहिए जहां स्थानीय जनता को आपत्ति न हो। सोनी ने कहा कि विधायक अशोक रोहाणी ने भी आबकारी अधिकारियों को स्पष्ट रूप से आगाह कर दिया है कि क्षेत्र में किसी भी कीमत पर शराब दुकान न खोली जाए।
दामोदर सोनी ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यदि आसपास दोबारा शराब दुकान खोलने का प्रयास किया गया तो जनता का आक्रोश और भड़क सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आबकारी विभाग के कुछ अधिकारियों की शह पर शराब ठेकेदार लगातार नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।
वहीं स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रिहायशी क्षेत्र में शराब दुकान खुलने से महिलाओं, बच्चों और सामाजिक वातावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। क्षेत्र में फिलहाल तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।


