इंदिरा गांधी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने चार वर्षीय अभियान, जिले में शुरू होगी व्यापक यात्रा
अनूपपुर। सम्यक अभियान के तहत संचालित “इंदिरा ज्योति यात्रा” एवं “चलें रामराज्य की ओर संकल्प यात्रा” अब अनूपपुर जिले में प्रवेश कर चुकी है। अभियान के प्रमुख, लेखक एवं विचारक गुरुदेव भास्कर राव रोकड़े ने प्रेस वार्ता में बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी के कार्यों, विचारों और क्रांतिकारी निर्णयों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह चार वर्षीय अभियान मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में संचालित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि 12 जुलाई 2024 को भारत सरकार द्वारा प्रतिवर्ष 25 जून को “संविधान हत्या दिवस” घोषित किए जाने के बाद इंदिरा गांधी के विरुद्ध दुष्प्रचार शुरू हुआ, जिसके जवाब में सम्यक अभियान ने देशभर में संवाद और जनजागरण की पहल शुरू की। इसी क्रम में दिल्ली, मुंबई, भोपाल, नागपुर, जयपुर और लखनऊ में पत्रकार वार्ताओं के माध्यम से इंदिरा गांधी के योगदान को सामने लाने का प्रयास किया गया।
भास्कर राव रोकड़े ने बताया कि 19 नवंबर 2024 को ग्वालियर में इंदिरा गांधी की 107वीं जयंती को “संकल्प दिवस” के रूप में मनाते हुए इंदिरा ज्योति अभियान की शुरुआत की गई। इसके बाद 108वें जयंती वर्ष को “सृजन वर्ष” के रूप में मनाते हुए वर्षभर में 108 आयोजन किए गए, जिनका समापन भोपाल के रविन्द्र भवन स्थित मुक्ताकाश मंच पर राष्ट्रीय समारोह के रूप में हुआ। इस कार्यक्रम में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग अध्यक्ष पवन खेड़ा ने भाग लिया। इसी अवसर पर “चलें रामराज्य की ओर अभियान” का भी शुभारंभ किया गया।
प्रेस वार्ता में बताया गया कि सम्यक अभियान के तहत मध्यप्रदेश को 6, छत्तीसगढ़ को 3 और राजस्थान को 6 प्रांतों में विभाजित कर अभियान संचालित किया जा रहा है। महात्मा गांधी द्वारा 6 जनवरी 1921 को छिंदवाड़ा के चिटनिस गंज से असहयोग आंदोलन शुरू किए जाने वाले ऐतिहासिक स्थल से ही 6 जनवरी 2026 को इंदिरा ज्योति यात्रा प्रारंभ की गई। यात्रा महाकौशल, मालवांचल, चंबल और बुंदेलखंड के जिलों से गुजरते हुए अब अनूपपुर पहुंची है, जहां विभिन्न जिला मुख्यालयों पर इंदिरा ज्योति समारोह आयोजित किए जा रहे हैं।
भास्कर राव रोकड़े ने कहा कि सम्यक अभियान का उद्देश्य केवल राजनीतिक नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन है। अभियान के माध्यम से शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार, निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को शोषण से मुक्ति, आउटसोर्सिंग प्रणाली पर रोक, श्रम कानूनों में सुधार, किसानों के लिए इंडस्ट्री सेंट्रिक कम्युनिटी फार्मिंग सिस्टम जैसे मुद्दों को लेकर व्यापक जनजागरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं और प्रगतिशील किसान इस अभियान से जुड़ रहे हैं।
रामराज्य की अवधारणा को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास
प्रेस वार्ता में “चलें रामराज्य की ओर अभियान” की भी विस्तृत जानकारी दी गई। भास्कर राव रोकड़े ने बताया कि महात्मा गांधी ने 11 सितंबर 1929 को भोपाल प्रवास के दौरान बेनजीर मैदान में रामराज्य की अवधारणा रखते हुए कहा था कि स्वतंत्र भारत में ऐसा शासन स्थापित किया जाएगा जहां भय, भ्रष्टाचार और भेदभाव न हो तथा न्याय सभी के लिए समान रूप से उपलब्ध हो।
उन्होंने बताया कि 19 नवंबर 2025 को भोपाल में आयोजित समारोह में इस अभियान का शुभारंभ किया गया था। अभियान के रथ को पवन खेड़ा, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया और अरुण यादव ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। अभियान के केंद्रीय समन्वयक एडवोकेट सैयद साजिद अली हैं तथा इसकी कार्यकारिणी में विभिन्न वर्गों और समुदायों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है।
रोकड़े ने कहा कि आगामी तीन वर्षों में इंदिरा ज्योति यात्रा और चलें रामराज्य की ओर अभियान के संदेश को मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के हर घर तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि इंदिरा गांधी ने रामचरितमानस चतुष्शताब्दी समारोह के माध्यम से रामराज्य की अवधारणा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित किया था तथा उनके शासनकाल में गांव-गांव मानस मंडलियों और स्कूलों में बाल सभाओं के माध्यम से सामाजिक समरसता और नैतिक मूल्यों का प्रचार किया जाता था।
5 जून को सागर में प्रथम चरण का समापन
प्रेस वार्ता के अनुसार इंदिरा ज्योति यात्रा एवं चलें रामराज्य की ओर संकल्प यात्रा के प्रथम चरण का समापन 5 जून को सागर में होगा। इसके पश्चात अनूपपुर जिले में जिला स्तरीय यात्रा प्रारंभ की जाएगी, जिसके माध्यम से जिलेभर में जनसंपर्क, सभाएं और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।


