जबलपुर। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों ने वेतन भुगतान में हो रही देरी और विभिन्न अनियमितताओं को लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा शहरी क्षेत्र के नोडल अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए जल्द समस्या समाधान की मांग की है।म.प्र. संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष दीपक कुमार के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कर्मचारियों को उपलब्ध कराने वाली आउटसोर्स एजेंसियां सिग्मा इंफोटेक भोपाल और प्रकाश सिक्योरिटी ग्वालियर लगातार वेतन भुगतान में लापरवाही बरत रही हैं।
तीन-चार माह बाद मिलता है एक माह का वेतन
कर्मचारियों ने बताया कि अप्रैल 2025 से वेतन नियमित रूप से नहीं मिल रहा है। स्थिति यह है कि तीन से चार माह बीत जाने के बाद केवल एक माह का भुगतान किया जाता है। कर्मचारियों का कहना है कि मार्च 2026 से अब तक किसी भी कर्मचारी को वेतन नहीं मिला है, जिससे आर्थिक संकट गहरा गया है।
ईपीएफ, ईएसआईसी और अनुभव प्रमाण पत्र नहीं देने का आरोप!संघ ने आरोप लगाया कि वर्ष 2021 से मार्च 2025 तक कार्यरत कर्मचारियों को नियुक्ति आदेश, एरियर भुगतान और अनुभव प्रमाण पत्र तक उपलब्ध नहीं कराए गए। इसके अलावा वर्ष 2024-25 और 2025-26 का ईपीएफ एवं ईएसआईसी लाभ भी कर्मचारियों को नहीं दिया गया।कर्मचारियों का कहना है कि एजेंसियों से जानकारी मांगने पर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिलता।
कर्मचारियों ने बताई आर्थिक परेशानी
ज्ञापन में कहा गया है कि लगातार वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों के सामने परिवार चलाने का संकट खड़ा हो गया है। कई कर्मचारियों के पास ड्यूटी पर आने के लिए किराया और पेट्रोल तक के पैसे नहीं बचे हैं। बच्चों की फीस और पढ़ाई का खर्च उठाना भी मुश्किल हो रहा है।संघ के अनुसार जिले में करीब 250 आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं, जो वर्तमान स्थिति से बेहद परेशान हैं।
30 मई तक वेतन नहीं मिला तो 1 जून से हड़ताल
संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने प्रशासन से मांग की है कि 30 मई तक कम से कम तीन माह का लंबित वेतन भुगतान कराया जाए ,कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा तक समस्या का समाधान नहीं हुआ तो 1 जून 2026 से सभी आउटसोर्स कर्मचारी काम बंद कर हड़ताल पर चले जाएंगे।


