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June 2, 2026
सी टाइम्स
राष्ट्रीय

मजीठिया के आवास पर पंजाब पुलिस की छापेमारी, एसएडी ने राजनीतिक बदले की भावना का आरोप लगाया



नई दिल्ली, 1 जून शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के नेताओं ने पंजाब पुलिस की कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है। यह प्रतिक्रिया उस समय सामने आई जब पुलिस ने पार्टी के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के अमृतसर स्थित आवास पर छापेमारी की। पार्टी नेताओं का आरोप है कि यह कार्रवाई राजनीतिक कारणों से की गई है और विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने की कोशिश का हिस्सा है।

स्थानीय थाने में हुए विवाद और हंगामे के बाद पंजाब पुलिस ने बिक्रम सिंह मजीठिया के अमृतसर स्थित ग्रीन एवेन्यू आवास पर छापेमारी की।

झड़प के बाद अमृतसर पुलिस ने बिक्रम सिंह मजीठिया और शिरोमणि अकाली दल के कई कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने इस संबंध में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस ने मामले में नामजद आरोपियों की तलाश के लिए 12 विशेष टीमें गठित की और कई स्थानों पर संयुक्त तलाशी अभियान चलाया। इसी अभियान के तहत तड़के सुबह बिक्रम सिंह मजीठिया के घर पर भी छापेमारी की गई।

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल वरिष्ठ अकाली नेता के खिलाफ राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने की कोशिश है। सुखबीर सिंह बादल ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से की जा रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार मजीठिया को निशाना बना रही है। बादल के अनुसार, चुनाव के दौरान भी मजीठिया के खिलाफ कई प्रयास किए गए, लेकिन वह चुनाव जीत गए। उन्होंने दावा किया कि अब उन्हें किसी भी तरह कानूनी मामलों में फंसाने की कोशिश की जा रही है। बादल ने इसे पंजाब सरकार की एक सुनियोजित राजनीतिक साजिश बताया।

शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने भी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले की जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया में कई अनियमितताएं हुई हैं और पुलिस निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रही है।

हरसिमरत कौर बादल ने आरोप लगाया कि पहले एक व्यक्ति को पुलिस थाने से बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि उस व्यक्ति को बिना वारंट और बिना एफआईआर के कथित तौर पर एसएचओ के आवास पर अवैध रूप से रखा गया था। बादल ने कहा कि उस व्यक्ति को बचाने के बाद पुलिस ने बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। उन्होंने पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।

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