प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए 6 दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ
जबलपुर। आगामी सिंहस्थ 2028 के दौरान कानून-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण तथा आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जबलपुर पुलिस द्वारा 6 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। यह कार्यशाला पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार आयोजित की जा रही है, ताकि सिंहस्थ जैसे विशाल धार्मिक आयोजन में पुलिस बल को बेहतर ढंग से प्रशिक्षित और दक्ष बनाया जा सके।
सोमवार को पुलिस लाइन स्थित सामुदायिक भवन में आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) प्रमोद वर्मा ने पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय की उपस्थिति में किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध जितेन्द्र सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सूर्यकांत शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात अंजना तिवारी, उप पुलिस अधीक्षक आकांक्षा उपाध्याय, नगर पुलिस अधीक्षक गढ़ा आशीष जैन, नगर पुलिस अधीक्षक अधारताल राजेश्वरी कौरव, नगर पुलिस अधीक्षक गोहलपुर मधुर पटेरिया, उप पुलिस अधीक्षक बैजनाथ प्रजापति, रक्षित निरीक्षक जे.पी. आर्य, सूबेदार योगेश चौकसे सहित लगभग 150 अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को यातायात संचालन, भीड़ नियंत्रण एवं प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, चेकिंग अभियान, निगरानी प्रणाली, आपदा एवं आपातकालीन स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया तथा विभिन्न सुरक्षा मानकों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में आधुनिक तकनीकों और व्यवस्थाओं को समझाने के लिए पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन एवं व्यावहारिक उदाहरणों का भी उपयोग किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि सिंहस्थ विश्व के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है, जहां लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रहती है। ऐसे में सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन की चुनौती को देखते हुए पुलिस बल को पहले से प्रशिक्षित करना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से यह कार्यशाला आयोजित की गई है।
पुलिस विभाग के अनुसार सिंहस्थ 2028 की व्यवस्थाओं के लिए जबलपुर जिले के पुलिस बल को चरणबद्ध तरीके से लगातार प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर अधिकारी और कर्मचारी किसी भी परिस्थिति का कुशलतापूर्वक सामना कर सकें तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित की जा सके। प्रशिक्षण कार्यक्रम आगामी दिनों में भी निरंतर जारी रहेंगे।


