नशा मुक्ति का लिया संकल्प
जबलपुर। हरे कृष्णा आश्रम, भेड़ाघाट से प्रत्येक पूर्णिमा पर आयोजित होने वाली नर्मदा पंचकोशी परिक्रमा की 503वीं यात्रा पुरुषोत्तम मास की ज्येष्ठ पूर्णिमा पर प्रातः 4 बजे संकीर्तन के साथ प्रारंभ हुई। श्रद्धालुओं ने भयंकर गर्मी के बावजूद दंडवत परिक्रमा करते हुए हाथों में भगवा ध्वज लेकर “नर्मदे हर” के जयघोष के साथ यात्रा में सहभागिता की।
परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। संकीर्तन और भक्ति के वातावरण के बीच भेड़ाघाट का दृश्य वृंदावन के गोवर्धन तथा चित्रकूट के कामतानाथ परिक्रमा मार्ग की याद दिला रहा था। इस अवसर पर बड़ी खेरमाई ट्रस्ट के अध्यक्ष शरद अग्रवाल ने उपस्थित भक्तों को नशा मुक्ति का संकल्प दिलाया।
नर्मदा मैया तथा राधा-कृष्ण की महाआरती के साथ भोला दास उदासीन महाराज, रमाशंकर बाबा एवं सिद्धन माता जी के सान्निध्य में 503वीं नर्मदा पंचकोशी दंडवत परिक्रमा संपन्न हुई।
परिक्रमा हरे कृष्णा आश्रम से प्रारंभ होकर पंचवटी, 64 योगिनी, धुआंधार, कल्याण तपोवन होते हुए लमेटा घाट पहुंची। यहां से श्रद्धालु नाव द्वारा नदी पार कर शनि मंदिर, न्यू भेड़ाघाट होते हुए सरस्वती घाट पहुंचे और पुनः नाव से नदी पार कर आश्रम लौटे। यात्रा का समापन विशाल भंडारे एवं स्वामी रामचंद्र दास जी महाराज के सान्निध्य में बद्रीनाथ धाम से पूजित गोमती चक्र के वितरण के साथ हुआ।
आयोजकों ने बताया कि पंचकोशी परिक्रमा में स्थापित कलश की परिक्रमा आगामी लगभग पांच माह तक जारी रहेगी।
इस अवसर पर नर्मदा महाआरती के संस्थापक एवं नर्मदा पंचकोशी परिक्रमा के अध्यक्ष डॉ. सुधीर अग्रवाल, संरक्षक श्रीमती सुषमा शंकर पटेल, मीना पटेल, सह-संकीर्तनाचार्य श्याम मनोहर पटेल, विनोद दीवान, संकीर्तनाचार्य सुरेश विश्वकर्मा, मनोज गुलाबबानी, शिवकुमार पटेल, कैलाश विश्वकर्मा, छुन्नू पटेल, विनोद विश्वकर्मा, दुर्गा पटेल, गुड्डू नेता, सचिन अग्रवाल, एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।


